रांची: पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद कुख्यात अनिल शर्मा ने अपनी रिहाई की मांग को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में दाखिल याचिका वापस ले ली है। यह याचिका न्यायाधीश रंगन मुखोपाध्याय की अदालत में दायर की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता ने अदालत से याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। कोर्ट से नई याचिका दाखिल करने की छूट मिलने के बाद पुरानी याचिका वापस ले ली गई।
क्यों वापस ली गई याचिका?
जानकारी के मुताबिक, अनिल शर्मा द्वारा राज्य सरकार को रिहाई के लिए दिए गए आवेदन में कुछ नए अपडेट सामने आए हैं। इन्हीं तथ्यों को शामिल करने के लिए अब नई याचिका दाखिल की जाएगी।
पहले याचिका में क्या कहा गया था?
पूर्व में दाखिल याचिका में अनिल शर्मा ने कहा था कि वह कई मामलों में सजायाफ्ता है और अपनी सजा की अवधि लगभग पूरी कर चुका है। उसने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 473 का हवाला देते हुए सरकार से रिहाई की मांग की थी।
सरकार ने ठुकराई थी मांग
अनिल शर्मा की रिहाई की मांग को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया था। इसके बाद उसने राहत के लिए झारखंड हाई कोर्ट का रुख किया था। अब याचिका वापस लेने के बाद माना जा रहा है कि वह जल्द ही संशोधित तथ्यों के साथ फिर से अदालत में दस्तक दे सकता है।












