Dhanbad News: केंदुआडीह में गैस रिसाव और भू-धंसान से दहशत
Dhanbad: केंदुआडीह क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी गैस रिसाव (Gas Leakage) और हाल ही में हुए भू-धंसान ने स्थानीय निवासियों के बीच भारी दहशत पैदा कर दी है। धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर सड़क धंसने और बीसीसीएल की संपत्तियों को नुकसान पहुँचने के बाद प्रशासन और मेडिकल टीमें हाई अलर्ट पर हैं।
भू-धंसाव से कुछ इलाके प्रभावित हुए हैं जिनमें राजपूत बस्ती, केंदुआ चार नंबर और मस्जिद मुहल्ला शामिल है। बीसीसीएल, जिला प्रशासन, सीआईएसएफ, पुलिस और सिंफर (CIMFR) के वैज्ञानिकों की संयुक्त टीम तैनात।
अब तक 78 मरीजों का इलाज, 7 गंभीर मरीज सेंट्रल अस्पताल रेफर।
धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर बढ़ता खतरा
15 अप्रैल को केंदुआडीह थाना के पास मुख्य मार्ग धंसने और उसके अगले दिन बीसीसीएल गेस्ट हाउस की चारदीवारी गिरने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि गैस रिसाव के कारण अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अस्पताल 24 घंटे अलर्ट मोड पर
इस आपदा के बीच बीसीसीएल का कुस्तोर क्षेत्रीय अस्पताल राहत का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। एरिया मेडिकल ऑफिसर डॉ. शशि कुमार रवि के नेतृत्व में अस्पताल में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं:
24×7 इमरजेंसी सेवा और बेड की उपलब्धता
अस्पताल को 4 दिसंबर से ही ‘राउंड द क्लॉक’ सर्विस मोड में रखा गया है। आपात स्थिति के लिए 30 बेड पूरी तरह आरक्षित हैं और ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
मेडिकल स्टाफ और विशेषज्ञ टीम
मरीजों की देखभाल के लिए तीन शिफ्टों में डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही 36 पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
नि:शुल्क सुविधाएं और एम्बुलेंस
अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए भोजन और नाश्ता, सभी आवश्यक दवाएं साथ ही 5 एम्बुलेंस किसी भी इमरजेंसी शिफ्टिंग के लिए 24 घंटे तैनात रहेंगी जैसी सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त हैं।
प्रशासन और वैज्ञानिकों की निगरानी
गैस रिसाव को रोकने और भू-धंसान के तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों की टीम लगातार सर्वे कर रही है। राहत शिविरों में भी सैकड़ों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है ताकि गैस के प्रभाव को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।
डॉ. शशि कुमार रवि (एरिया मेडिकल ऑफिसर) का बयान: “हम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन, दवाएं और स्टाफ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। प्रभावित क्षेत्र के हर नागरिक को समुचित और नि:शुल्क इलाज देना हमारी प्राथमिकता है।”
केंदुआडीह की स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। यदि आप इस क्षेत्र के निवासी हैं, तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सांस लेने में तकलीफ या बेचैनी होने पर तुरंत कुस्तोर अस्पताल से संपर्क करें।












