West Bengal में चल रहे मतदान के दौरान मुर्शिदाबाद जिले से हिंसा और तनाव की खबरें सामने आई हैं। नौदा क्षेत्र में झड़प, बमबाजी और राजनीतिक आरोपों ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है।
मुर्शिदाबाद में बम फेंके जाने से दहशत
मुर्शिदाबाद में कच्चे बम फेंके जाने की घटना ने स्थानीय लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया। एक चश्मदीद के अनुसार, यह घटना रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच हुई, जिसमें एक महिला घायल हो गई।
लोगों का कहना है कि इलाके में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है और किसी भी समय फिर से हिंसा भड़क सकती है।
हुमायूं कबीर का बड़ा आरोप—‘पूरी रात धमकाते रहे TMC कार्यकर्ता’
नौदा में हुई झड़प को लेकर AUJP के संस्थापक हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि
- TMC कार्यकर्ता पुलिस के साथ मिलकर पूरी रात हंगामा करते रहे
- पैसे और अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश हुई
- मतदाताओं को डराया-धमकाया गया
उन्होंने मांग की कि इस मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
नौदा में बढ़ते तनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन (DM/DEO) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग की इस कार्रवाई से साफ है कि स्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है।
11 बजे तक 41% मतदान
राज्य के 152 विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 11 बजे तक करीब 41.11% मतदान दर्ज किया गया।
तुलना करें तो 2021 के चुनाव में इन सीटों पर लगभग 82.70% मतदान हुआ था।
नेताओं के बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
सुवेंदु अधिकारी का आरोप
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्हें एक मतदान केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा—
“जो शांति तोड़ेगा, हम उसे तोड़ने का काम करेंगे।”
इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं को धमकाया जा रहा है, लेकिन वे किसी से डरते नहीं हैं।
अधीर रंजन चौधरी का बयान
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने मतदान प्रक्रिया को लेकर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि
“सब कुछ ठीक चल रहा है और केंद्रीय बल अच्छी तरह से अपना काम कर रहे हैं।”
दिलीप घोष और सुकांत मजूमदार का हमला
भाजपा नेताओं दिलीप घोष और सुकांत मजूमदार ने मुर्शिदाबाद की घटनाओं को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
- दिलीप घोष ने कहा कि इस जिले में अक्सर गड़बड़ियां होती रहती हैं
- सुकांत मजूमदार ने कहा कि इलाके का बम हमलों का पुराना इतिहास रहा है
मतदान के बीच सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
West Bengal में जारी मतदान के बीच हिंसा, आरोप-प्रत्यारोप और राजनीतिक बयानबाजी ने चुनावी माहौल को संवेदनशील बना दिया है।
अब नजर चुनाव आयोग की अगली कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर टिकी है।












