CM Hemant Soren: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड में महिला सशक्तिकरण और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए एक्शन मोड में हैं। सोमवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य की सभी कामकाजी महिलाओं का एक विस्तृत डेटाबेस तैयार करने का सख्त निर्देश दिया।
कामकाजी महिलाओं के लिए ‘सखी निवास’ और सुरक्षित आवास
मुख्यमंत्री ने ‘मिशन शक्ति’ के तहत संचालित ‘सखी निवास’ योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य में नौकरीपेशा महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक आवास प्राथमिक आवश्यकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कामकाजी महिलाओं से संबंधित डेटाबेस जल्द विभाग को सौंपा जाए, ताकि उनके लिए डे-केयर और हॉस्टल जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके। साथ ही ‘शक्ति सदन’ जैसी योजनाओं में स्वयं सहायता समूहों (SHG) को शामिल करने की कार्ययोजना बनाने को भी कहा।
CM Hemant Soren ने दिया डिजिटल एजुकेशन और रोजगार पर जोर
शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव का संकेत देते हुए CM सोरेन ने राज्य में डिजिटल और ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कल्याण विभाग को निर्देश दिया कि स्कूलों के साथ-साथ अब नर्सिंग कॉलेजों के संचालन पर भी ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, “नर्सिंग के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। हमारी प्राथमिकता युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार दिलाना है।”
NGO के कार्यों की होगी डिजिटल निगरानी-CM Hemant Soren
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) के माध्यम से संचालित योजनाओं में अब कोई ढिलाई नहीं चलेगी। उन्होंने सभी योजनाओं के डिजिटलाइजेशन और डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए ताकि उनकी निरंतर मॉनिटरिंग की जा सके। इसके अलावा, आश्रम विद्यालयों को ‘एकलव्य विद्यालय’ की तर्ज पर आधुनिक बनाने और छात्रावासों में बच्चों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।











