झारखंड में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए Hemant Soren ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के उपायुक्तों और वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और साफ निर्देश दिया कि आम जनता को किसी भी हाल में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
पेयजल संकट पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के इस दौर में पेयजल व्यवस्था सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
- सभी जिलों में जलापूर्ति योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग हो
- चापाकल, टैंकर और वैकल्पिक जल स्रोतों को सक्रिय रखा जाए
- जहां भी पानी की समस्या मिले, वहां तुरंत समाधान किया जाए
बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही नहीं
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं में ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।
- निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
- ट्रांसफॉर्मर खराबी और बिजली कटौती की शिकायतों का त्वरित समाधान
- अस्पतालों में हीटवेव और लू के मरीजों के इलाज की पूरी तैयारी
- ORS, दवाइयां, पेयजल और मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता
“सीधे संवाद से ही होगा समाधान”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि
- नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करें
- जनता से सीधे मिलकर उनकी समस्याएं सुनें
- जमीनी हकीकत की रिपोर्ट और तस्वीरें मुख्यालय को भेजें
उन्होंने कहा कि सीधा संवाद प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करता है और समस्याओं का तेजी से समाधान संभव बनाता है।
समन्वय से ही मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करें और यह सुनिश्चित करें कि
- किसी भी नागरिक को पानी, बिजली या स्वास्थ्य सेवाओं की कमी न हो
- हर स्तर पर प्रशासन सक्रिय और संवेदनशील रहे
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
बैठक में मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, गृह समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिलों के उपायुक्त मौजूद रहे।








