Ranchi : झारखंड की राजनीति में उत्साह का माहौल है। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत पर झारखंड के भाजपा नेताओं ने इसे ‘अधर्म पर धर्म की जीत’ और ‘कुशासन का अंत’ करार दिया है। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक, सभी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की विजय बताया है।
ममता के 15 साल के कुशासन का अंत-आदित्य साहू
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि बंगाल में अब अंधेरा छंट चुका है और “भगवामय सूरज” का उदय हुआ है। उन्होंने ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल की जनता घुसपैठ, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार से त्रस्त थी। 15 वर्षों के अराजक माहौल को आज जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से उखाड़ फेंका है।
कार्यकर्ता ही असली ताकत-कर्मवीर सिंह
प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने इस जीत को संगठन की शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा की असली ताकत उसके बूथ स्तर के कार्यकर्ता हैं। जब कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ मैदान में उतरते हैं, तो परिणाम ऐसे ही ऐतिहासिक होते हैं। यह जीत सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं पर जनता की मुहर है।
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जीत कार्यकर्ताओं के वर्षों के संघर्ष को समर्पित-अर्जुन मुंडा
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बंगाल की जागरूक जनता को नमन करते हुए कहा कि मोदी-शाह के नेतृत्व में बंगाल में पूर्ण बहुमत की सरकार बनना सुरक्षा और सर्वांगीण विकास की जीत है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने इस जीत को कार्यकर्ताओं के वर्षों के संघर्ष को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह जनादेश हमें जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की जिम्मेदारी देता है।
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जानकारों का मानना है कि पड़ोसी राज्य बंगाल में भाजपा की इस प्रचंड जीत का सीधा असर झारखंड के आगामी राजनीतिक समीकरणों पर पड़ेगा। झारखंड भाजपा के कार्यकर्ता अब नई ऊर्जा के साथ हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ लामबंद होंगे। घुसपैठ और भ्रष्टाचार जैसे जो मुद्दे बंगाल में चले, वही अब झारखंड में भाजपा का मुख्य हथियार बनेंगे।







