Petrol Diesel Price Hike: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की आसमान छूती कीमतों के बीच आज यानी 23 मई को घरेलू तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। मई के महीने में आम जनता को यह तीसरी बार महंगाई का झटका लगा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल $113 से $114 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिसका सीधा असर भारतीय ईंधन बाजारों पर पड़ा है।
इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में सीएनजी (CNG) के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। आइए जानते हैं दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना और रांची सहित देश के प्रमुख शहरों में आज Petrol Diesel और सीएनजी का क्या रेट है।
9 दिनों में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
ईंधन की कीमतों में पिछले 9 दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले सरकारी तेल कंपनियों ने 15 मई को ₹3 प्रति लीटर और 19 मई को औसतन 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया था। आज यानी 23 मई को एक बार फिर पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है।
दिल्ली-एनसीआर में CNG भी हुई महंगी, 10 दिन में ₹4 की बढ़ोतरी
पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सीएनजी (CNG) का सफर भी महंगा हो गया है। दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतें 1 रुपया प्रति किलो बढ़ गई हैं। इस बदलाव के बाद दिल्ली में अब CNG ₹81.09 प्रति किलो मिलेगी। पिछले 10 दिनों में सीएनजी की कीमतों में यह तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले सरकार ने 15 मई को ₹2 और 18 मई को ₹1 बढ़ाए थे। यानी 10 दिन में सीएनजी ₹4 महंगी हो चुकी है।
आम जनता तक पहुंचते-पहुंचते 4 गुना क्यों बढ़ जाती है तेल की कीमत?
क्या आप जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से जो कच्चा तेल खरीदा जाता है, उसकी मूल कीमत (Base Price) हमारे तक आते-आते चार गुना तक कैसे बढ़ जाती है? तेल के खेल के पीछे का पूरा गणित नीचे दिए गए 5 पॉइंट्स से समझें:
- कच्चे तेल की कीमत (Base Price): भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% क्रूड ऑयल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदे गए बैरल के हिसाब से प्रति लीटर तेल का बेस प्राइस तय होता है।
- रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज: कच्चे तेल को देश की रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है। इसमें रिफाइनिंग की लागत और तेल कंपनियों का अपना मार्जिन जोड़ा जाता है।
- केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: रिफाइनरी से ईंधन निकलने के बाद केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) और रोड सेस लगाती है। यह पूरे देश में समान होती है।
- डीलर कमीशन: तेल कंपनियां जिस रेट पर पेट्रोल पंप मालिकों (डीलर्स) को ईंधन बेचती हैं, उसमें डीलर्स का निश्चित कमीशन जोड़ा जाता है।
- राज्य सरकार का वैट (VAT): सबसे आखिरी और बड़ा हिस्सा राज्य सरकारों का होता है, जो अपने हिसाब से वैट या लोकल सेल्स टैक्स लगाती हैं। चूंकि हर राज्य की वैट दरें अलग होती हैं, इसीलिए दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, पटना और रांची जैसे शहरों में कीमतें अलग-अलग होती हैं।
देश की सरकारी तेल कंपनियां ‘डेली प्राइस रिवीजन’ यानी डायनेमिक pricing सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। आप अपने शहर के नए रेट्स तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट या SMS के जरिए भी चेक कर सकते हैं।








