Ranchi: अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में लागू किए जाने वाले “Restructuring एवं Clustering System” का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने इसे छात्र, शिक्षक और कर्मचारी हितों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर बिना चर्चा फैसला थोपने का आरोप लगाया है।
आजसू के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कहा कि यह व्यवस्था उच्च शिक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकती है। उनका आरोप है कि सरकार ने इस महत्वपूर्ण फैसले पर न तो शिक्षाविदों से राय ली और न ही छात्र संगठनों से संवाद किया। इससे विश्वविद्यालयों की प्रशासनिक, शैक्षणिक और वित्तीय व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
आजसू ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार जल्द इस प्रस्ताव को वापस नहीं लेती है, तो राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अनिश्चितकालीन तालाबंदी, धरना-प्रदर्शन और छात्र आंदोलन किया जाएगा।
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संगठन ने मांग की है कि उच्च शिक्षा से जुड़े किसी भी बड़े फैसले से पहले छात्र संगठनों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ व्यापक चर्चा हो। आजसू ने कहा कि वह गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा के पक्ष में हमेशा खड़ा रहेगा और छात्र अधिकारों से किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जाएगा।
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