International Yoga Day: 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई-2026) शनिवार, 21 जून को दुनिया भर में मनाया जाएगा। इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई है। इसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय देशभर के 100 प्रतिष्ठित स्थलों पर विशेष योग कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन आयोजनों के जरिए भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और योग परंपरा को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा।
International Yoga Day 2026 से पहले नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) में ‘रन फॉर योगा’ और विशेष जुम्बा सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने के महत्व पर जोर दिया।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप कुमार प्रजापति ने कहा कि योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे पूरे वर्ष नियमित रूप से अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन योगाभ्यास और प्राणायाम से चयापचय संबंधी समस्याओं और जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
प्राचीन सभ्यता से वैश्विक पहचान तक योग का सफर
योग विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञान परंपराओं में से एक है, जिसकी जड़ें सिंधु-सरस्वती सभ्यता तक पहुंचती हैं। संस्कृत शब्द ‘योग’ का अर्थ है— जोड़ना या एकत्व स्थापित करना। यह शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य और संतुलन का प्रतीक माना जाता है।
वेदों, उपनिषदों, बौद्ध और जैन ग्रंथों के साथ-साथ रामायण और महाभारत में भी योग का उल्लेख मिलता है। महर्षि पतंजलि ने योग सूत्रों के माध्यम से योग को व्यवस्थित दार्शनिक और व्यावहारिक स्वरूप प्रदान किया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 69वें सत्र में इसका प्रस्ताव रखा था, जिसे 175 सदस्य देशों का समर्थन मिला। पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया। इसके बाद वर्ष 2016 में यूनेस्को ने योग को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया।
पिछले 11 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक वार्षिक आयोजन से आगे बढ़कर दुनिया के सबसे बड़े सहभागी आरोग्य आंदोलनों में शामिल हो चुका है। योग के माध्यम से विभिन्न देशों, संस्कृतियों और समुदायों के लाखों लोग एक साझा मंच पर जुड़ रहे हैं।
झारखंड भाजपा के 595 मंडलों में होंगे योग कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झारखंड भाजपा ने राज्य के सभी मंडलों में कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और जिला अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में योग कार्यक्रमों में भाग लेने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश भाजपा के 30 संगठनात्मक जिलों के अंतर्गत आने वाले 595 मंडलों में योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू रांची महानगर कार्यालय में योग करेंगे। वहीं बाबूलाल मरांडी ऑक्सीजन पार्क, रांची में, अर्जुन मुंडा घोड़ाबांधा, जमशेदपुर में, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर में, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन धुर्वा मंडल, रांची में तथा पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा जगन्नाथपुर, चाईबासा में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
इसके अलावा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी डोमचांच के चंद्रावती हाई स्कूल में, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ आयुष मंत्रालय परिसर, रांची में और भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल अरगोड़ा मंडल में आयोजित योग कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए घर पर करें ये आसान योगासन
विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित योगाभ्यास तनाव कम करने, रक्तचाप को संतुलित रखने, रक्त संचार बेहतर बनाने और समग्र हृदय स्वास्थ्य को मजबूत करने में मदद कर सकता है। रोजाना 20 से 30 मिनट योग करने से शरीर और मन दोनों को लाभ मिलता है।
ताड़ासन
सीधे खड़े होकर दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और पंजों के बल शरीर को ऊपर की ओर खींचें। 10 से 15 सेकंड तक सामान्य सांस लेते हुए इस स्थिति में रहें।
फायदे: शरीर का संतुलन बेहतर होता है और रक्त संचार में सुधार होता है।
वृक्षासन
एक पैर पर संतुलन बनाते हुए दूसरे पैर को जांघ पर रखें और दोनों हाथों को नमस्कार मुद्रा में जोड़ लें।
फायदे: एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक तनाव कम होता है।
भुजंगासन
पेट के बल लेटकर दोनों हथेलियों को कंधों के पास रखें और धीरे-धीरे सिर व छाती को ऊपर उठाएं।
फायदे:छाती का विस्तार होता है और श्वसन क्षमता बेहतर होती है।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
आरामदायक मुद्रा में बैठकर एक नासिका से सांस लें और दूसरी नासिका से छोड़ें। इस प्रक्रिया को 5 से 10 मिनट तक दोहराएं।
फायदे: मानसिक तनाव कम होता है और रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद मिलती है।
भ्रामरी प्राणायाम
गहरी सांस लें और छोड़ते समय मधुमक्खी जैसी गूंजती आवाज निकालें।
फायदे: चिंता और तनाव कम होता है, जिससे हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है।
शवासन
पीठ के बल लेटकर पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें और गहरी सांस लें।
फायदे:शरीर और मन को गहरा आराम मिलता है।
> ध्यान दें: यदि आपको पहले से कोई गंभीर बीमारी है या आप किसी विशेष उपचार से गुजर रहे हैं, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
स्वस्थ जीवनशैली के लिए अपनाएं ये आदतें
योग विशेषज्ञों का कहना है कि केवल योगासन ही नहीं, बल्कि संतुलित जीवनशैली भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसके लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें, संतुलित और पौष्टिक आहार लें, पर्याप्त पानी पिएं, 7 से 8 घंटे की नींद लें और धूम्रपान व शराब से दूरी बनाए रखें।
योग तभी अधिक प्रभावी होता है, जब इसे नियमित दिनचर्या, संतुलित खानपान और सकारात्मक सोच के साथ अपनाया जाए।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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