देश के करोड़ों किसान परिवारों के लिए PM Kisan Samman Nidhi Yojana किसी लाइफलाइन से कम नहीं है। हर साल खाते में सीधे आने वाले 6,000 रुपये छोटे और सीमांत किसानों को बीज, खाद और खेती के दूसरे जरूरी खर्चों में बड़ी राहत देते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया और गांव-गांव में एक ही सवाल गूंज रहा है — “क्या 23वीं किस्त के अटके हुए 2000 रुपये अब 24वीं किस्त के साथ मिलेंगे?” चलिए इस सवाल का साफ जवाब जानते हैं, साथ ही यह भी समझते हैं कि योजना है क्या, कौन पात्र है, कौन नहीं, और फॉर्म कैसे भरा जाता है।
सबसे पहले साफ कर लें: क्या सच में कोई किस्त अटकी है?
यहां एक जरूरी बात समझनी होगी। सरकार ने PM Kisan की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी कर दी थी, जिसमें 9.44 करोड़ से ज्यादा पात्र किसानों के खाते में करीब 18,880 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर हुए। यानी जिन किसानों ने ई-केवाईसी, आधार-बैंक लिंकिंग और भूमि सत्यापन जैसी सभी शर्तें पूरी कर रखी थीं, उन्हें 23वीं किस्त पहले ही मिल चुकी है — यह “अटकी” हुई नहीं है।
हां, अगर किसी किसान का नाम लाभार्थी सूची में होने के बावजूद पैसा नहीं आया, तो इसकी वजह अटकी हुई किस्त नहीं, बल्कि आमतौर पर ये कारण होते हैं:
- ई-केवाईसी पूरी न होना
- आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक न होना
- बैंक खाते की जानकारी में गड़बड़ी
- जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन बाकी होना
- कुछ राज्यों में फार्मर आईडी (Farmer ID) अपडेट न होना
ऐसे किसानों का पैसा अगली किस्त जारी होने पर एक साथ भी क्रेडिट हो सकता है, बशर्ते वे समय रहते अपनी कमी ठीक कर लें। इसलिए असल सवाल “क्या दोनों किस्तें साथ मिलेंगी” नहीं, बल्कि “मैंने अपनी ई-केवाईसी और वेरिफिकेशन पूरा किया या नहीं” होना चाहिए।
PM Kisan की 24वीं किस्त कब आएगी?
अब तक कृषि मंत्रालय की तरफ से 24वीं किस्त की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। लेकिन योजना का भुगतान पैटर्न देखें तो हर किस्त लगभग चार महीने के अंतराल पर जारी होती है:
- 22वीं किस्त: 13 मार्च 2026
- 23वीं किस्त: 20 जून 2026
- 24वीं किस्त (अनुमानित): अक्टूबर 2026
इसी पैटर्न के आधार पर उम्मीद जताई जा रही है कि त्योहारी सीजन के आसपास अक्टूबर 2026 में 24वीं किस्त जारी हो सकती है। हालांकि अंतिम और पक्की तारीख सिर्फ सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही मानी जानी चाहिए। किसी भी अफवाह या सोशल मीडिया मैसेज पर भरोसा करने के बजाय हमेशा पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in ही देखें।
PM Kisan Samman Nidhi Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक सेंट्रल सेक्टर स्कीम है, जिसे 1 दिसंबर 2018 को लॉन्च किया गया और फरवरी 2019 से लागू किया गया। इसका मकसद देश के छोटे और सीमांत किसान परिवारों को सीधी आर्थिक मदद देना है, ताकि वे बीज, खाद, सिंचाई और खेती से जुड़े दूसरे खर्चों को आसानी से उठा सकें।
इस योजना के तहत हर पात्र किसान परिवार को साल में कुल 6,000 रुपये मिलते हैं, जो 2,000-2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में हर चार महीने पर सीधे बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजे जाते हैं। इसमें कोई बिचौलिया नहीं होता — पूरा पैसा सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में पहुंचता है।
PM Kisan Yojana के फायदे
- हर साल 6,000 रुपये की सीधी आर्थिक मदद
- बीज, खाद, कीटनाशक और सिंचाई जैसे खर्चों में राहत
- साहूकारों और महंगे कर्ज पर निर्भरता कम होती है
- महिला किसान भी स्वतंत्र लाभार्थी के रूप में शामिल हो सकती हैं
- पूरी तरह पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया, बिचौलियों की जरूरत नहीं
- अब तक 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि बांटी जा चुकी है
PM Kisan Yojana के लिए पात्रता — किसे मिलेगा लाभ?
नीचे दी गई शर्तें पूरी करने वाले किसान परिवार इस योजना के पात्र माने जाते हैं:
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए
- आवेदक के पास खेती योग्य जमीन होनी चाहिए, जो राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के भू-अभिलेखों में दर्ज हो
- योजना के तहत “परिवार” की परिभाषा में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल हैं
- आवेदक का वैध आधार कार्ड होना जरूरी है, जो बैंक खाते से लिंक हो
- बैंक खाता सक्रिय और आधार-सीडेड होना चाहिए
किन किसानों को नहीं मिलता है लाभ?
जमीन होने के बावजूद कुछ श्रेणियों के लोग इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं:
- संस्थागत भूमिधारक (ट्रस्ट, कंपनी या संस्था के नाम पर दर्ज जमीन)
- संवैधानिक पद पर मौजूद या पूर्व रह चुके लोग, मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर
- केंद्र या राज्य सरकार, PSU और स्वायत्त संस्थाओं के कार्यरत या सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी/ग्रुप डी कर्मचारी इसमें अपवाद हैं)
- 10,000 रुपये या उससे ज्यादा मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त पेंशनभोगी
- डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, आर्किटेक्ट, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर
- वे परिवार जिनके किसी सदस्य ने पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स भरा हो
PM Kisan फॉर्म कैसे भरें? पूरी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
नए किसान इन तीन तरीकों से आवेदन कर सकते हैं — ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)। ऑनलाइन आवेदन का पूरा तरीका इस प्रकार है:
- सबसे पहले pmkisan.gov.in पर जाएं
- होमपेज पर “Farmers Corner” सेक्शन में “New Farmer Registration” पर क्लिक करें
- अपनी सुविधा के अनुसार “Rural Farmer Registration” या “Urban Farmer Registration” चुनें
- आधार नंबर, राज्य और कैप्चा कोड दर्ज कर “Search” पर क्लिक करें, ताकि पता चल सके कि आप पहले से रजिस्टर्ड तो नहीं हैं
- अगर रजिस्टर्ड नहीं हैं, तो व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता विवरण (खाता नंबर और IFSC कोड) और जमीन का विवरण (खसरा/खतौनी) भरें
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
- आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन पूरा करें
- फॉर्म को ध्यान से दोबारा चेक करें और सबमिट कर दें
आवेदन जमा करने के बाद रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर संभालकर रखें, क्योंकि स्टेटस चेक करने और ई-केवाईसी के लिए आगे इसी की जरूरत पड़ती है। जिन किसानों के पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, वे अपने गांव के पटवारी, कृषि अधिकारी या नजदीकी CSC/जन सेवा केंद्र के जरिए भी ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक (आधार से लिंक खाता)
- जमीन के मालिकाना हक के कागजात (खसरा/खतौनी)
- मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
- राशन कार्ड (कुछ राज्यों में मांगा जा सकता है)
- नई व्यवस्था में जरूरी राज्यों में फार्मर आईडी (Farmer ID)
e-KYC क्यों जरूरी है और कैसे करें?
रजिस्ट्रेशन के 30 दिनों के भीतर ई-केवाईसी पूरी करना अनिवार्य है। बिना ई-केवाईसी के, भले ही आपका नाम लाभार्थी सूची में हो, किस्त का पैसा खाते में नहीं आएगा। ई-केवाईसी तीन तरीकों से की जा सकती है:
- OTP आधारित ई-केवाईसी: पीएम किसान पोर्टल पर आधार नंबर डालकर मोबाइल OTP से
- बायोमेट्रिक ई-केवाईसी: नजदीकी CSC पर जाकर
- फेस ऑथेंटिकेशन: PM Kisan मोबाइल ऐप के जरिए सेल्फी स्कैन से
लाभ पाने के लिए क्या-क्या दुरुस्त रखना जरूरी है?
अगर आप चाहते हैं कि हर किस्त समय पर और बिना रुकावट आपके खाते में पहुंचे, तो इन चार बातों का खास ध्यान रखें:
- ई-केवाईसी हमेशा अपडेट और पूरी रखें
- बैंक खाता आधार से सही तरीके से सीडेड (NPCI मैपर से जुड़ा) हो
- जमीन के रिकॉर्ड सत्यापित और अपडेटेड हों
- जिन 14 राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र आदि) में फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है, वहां के किसान अपनी फार्मर आईडी जरूर बनवा लें
स्टेटस कैसे चेक करें?
अपनी किस्त का स्टेटस जानने के लिए pmkisan.gov.in पर जाएं और होमपेज पर दिए गए “Know Your Status” ऑप्शन पर क्लिक करें। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP वेरिफिकेशन करें — स्क्रीन पर आपकी किस्त का पूरा स्टेटस दिख जाएगा। इसी पोर्टल से गांव-वार लाभार्थी सूची (Beneficiary List) भी देखी जा सकती है, जिसमें जिला, ब्लॉक और गांव चुनकर यह पता लगाया जा सकता है कि आपका नाम सूची में शामिल है या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: क्या 23वीं किस्त के 2000 रुपये अभी भी अटके हैं? जिन किसानों ने ई-केवाईसी और वेरिफिकेशन पूरा कर लिया था, उन्हें 23वीं किस्त 20 जून 2026 को ही मिल चुकी है। अगर पैसा नहीं आया है, तो इसकी वजह अधूरी ई-केवाईसी या रिकॉर्ड मिसमैच होना है, न कि कोई सामान्य देरी।
सवाल: PM Kisan की 24वीं किस्त कब आएगी? सरकार ने अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन चार महीने के सामान्य पैटर्न के हिसाब से यह अक्टूबर 2026 में आने की उम्मीद है।
सवाल: क्या अटकी हुई किस्त अगली किस्त के साथ मिल सकती है? हां, अगर किसी किसान की पिछली किस्त वेरिफिकेशन की वजह से रुकी थी और उसने बाद में अपनी कमी पूरी कर ली, तो लंबित राशि अगली किस्त प्रोसेसिंग के दौरान एक साथ जारी हो सकती है। यह हर किसान के केस पर निर्भर करता है।
सवाल: कौन-कौन इस योजना के लिए अपात्र है? इनकम टैक्स भरने वाले परिवार, सरकारी कर्मचारी/अधिकारी, 10,000 रुपये से ज्यादा पेंशन पाने वाले, संवैधानिक पदाधिकारी, डॉक्टर-इंजीनियर-वकील जैसे पेशेवर और संस्थागत भूमिधारक इस योजना के लिए अपात्र हैं।
सवाल: नया आवेदन कहां से करें? pmkisan.gov.in पर “New Farmer Registration” के जरिए, PM Kisan मोबाइल ऐप से, या नजदीकी CSC/जन सेवा केंद्र से आवेदन किया जा सकता है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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