Breaking News: देश की राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर मंतर में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जंतर मंतर में डटे हुए है। अनशन का आज 18 वां दिन है। उनका शरीर दिन-ब-दिन कमजोर पड़ता जा रहा है। लेकिन हौसले सोनम वांगचुक के बुलंद दिख रहे है। हालांकि देश भर के कई युवाओं का समर्थन इस आंदोलन को मिल रहा है। लेकिन इस समर्थन के बीज झारखंड के एक युवा विधायक ने भी अपना समर्थन सोनम वांगचुक के आंदोलन को दे दिय है।
सोनम वांगचुक के आंदोलन का किया खुला समर्थन
दरअसल झारखंड के डुमरी से विधायक जयराम कुमार महतो ने सोनम वांगचुक के आंदोलन का खुला समर्थन किया है। उन्होंने वांगचुक को पत्र लिखर कहा है कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि देश के लाखों करोड़ों छात्रों के भविष्य और भरोसे की लड़ाई है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा का सोनम वांगचुक कई दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे है और उनकी मांग है केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। साथ ही चिंता जताते हुए उन्होंने लिखा कि वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर सरकार अब तक गंभीर नजर नहीं दिख रही है औऱ ना ही बातचीत की कई पहल सरकार के तरफ से की गई है।
केंद्र पर साधा निशाना
साथ ही अपने पत्र में विधायक जयराम महतो ने हजारीबाग स्थित ओएसिस स्कूल का जिक्र करते हुए लिखा कि पेपर लीक मामले सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई जांच में कई आरोपियों की पहचान हई। लेकिन इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं परीक्षा प्रणाली की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। साथ ही परीक्षा रद्द होना, दोबारा से परीक्षा लेना इन सबका असर छात्रों पर मानसिक दबाव डाल रहा है।








