NEET Paper Leak: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर में नीट पेपर को लेकर चल रहा विरोध हर दिन नए रंग और नए आक्रोश के साथ आगे बढ़ रहा है। 28 जून से शुरू हुआ यह विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। लेकिन केंद्र में बैठी सरकार के तरफ से अब तक कुछ बयान सामने नहीं आया था, लेकिन आज यानी 23 जुलाई को देश के प्रधानमंत्री ने इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। ऐसे में पूरा मामला क्या है चलिए विस्तार से समझते है।
Read More: कल BJP ने Congress को घेरा आज कांग्रेस करेगी बीजेपी कार्यालय के तरफ कूच, सुरक्षा टाइट
दोषियों को दी जाएगी कड़ी सजा
दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी ने अभी-अभी यह ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आपकों बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कॉकरोज जनता पार्टी औऱ विपक्ष दोनों के द्वारा प्रदर्शन जारी है। बता दें कि सीजेपी पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर में प्रदर्शन कर रही है। औऱ सोनम वांगचुक जो फिलहाल गुरूग्राम के मेदांता अस्तपात में भर्ती है।
देश में पहली बार पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए होगी सुनवाई
देखा जाए तो इससे पहले देश में पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, जिसमें फैसला आने में काफी समय लग जाते थे। लेकिन अब प्रधानमंत्री ने इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। ताकि दोशियों सजा जल्द से जल्द दिलाई जा सके।
राहुल गांधी ने कहा पीएम छात्रों से मांगे माफी
बिते दिनों की बात करे तो बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के इंदिरा भवन में छात्रों के खिलाफ हुए लाठीचार्ज पर अपना बयान दिया था। उन्होंने सबसे पहले जिक्र करते हुए कहा था कि 20 जुलाई को कॉकरोज जनता पार्टी के संसद मार्च में शामिल छात्रों का वीडियो मीडिया के सामने दिखाया। उसके बाद उन्होंने कहा कि वर्दी में तैनात सुरक्षाबलों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा है। इस घटना से देश भर के तमाम परिवार प्रभावित है। जिनका बच्चा पढ़ाई करता है, साथ ही उन्होंने जिक्र किया था कि नीट मामले में किसी की भी सजा नहीं हुई है, जो काफी चिंता का विषय है। अंत में राहुल गांधी ने तीन डिमांड रखी, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों को पीटने वालों पर कार्रवाई और तीसरा पीएम मोदी छात्रों से मांगे माफी।
वहीं राहुल गांधी के आरोप लगाए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि कांग्रेस सरकारों में पेपर लीक होते थे तब वे सवाल क्यों नहीं उठाती थी। राहुल गांधी सिर्फ भाजपा शासित सरकारों को क्यों टारगेट कर रहे है, वह इतने सिलेक्टिव क्यों है।








