रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच और गरमा गया है। केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री और भाजपा सांसद संजय सेठ ने राज्य सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पिछले छह वर्षों में झारखंड में आयोजित JPSC, JSSC-CGL समेत सभी भर्ती परीक्षाओं की जांच CBI से कराने की मांग की है।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में संजय सेठ ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और झामुमो कार्यकर्ताओं पर हमले के आरोपों को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि रांची, हजारीबाग, गिरिडीह और गढ़वा में छात्रों के साथ जिस तरह की घटनाएं हुईं, वह निंदनीय है। उनका आरोप है कि घायल छात्रों को अस्पताल में भी परेशान किया गया और इलाज को लेकर दबाव बनाया गया।
25 दिनों से आंदोलन कर रहे थे छात्र: संजय सेठ
संजय सेठ ने कहा कि छात्र करीब 25 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन और आमरण अनशन कर रहे थे। उनके मुताबिक, छात्रों ने न तो सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और न ही हिंसा का रास्ता अपनाया। इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने परीक्षा रद्द किए जाने के सरकार के फैसले पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कोर्ट में सरकार की ओर से मजबूत पैरवी नहीं की गई। संजय सेठ ने कहा कि परीक्षा विवाद को लेकर सरकार की भूमिका पर छात्रों और आम लोगों के मन में कई सवाल हैं।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
प्रेसवार्ता के दौरान संजय सेठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान कई छात्रों के घायल होने के बावजूद राहुल गांधी की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई। संजय सेठ ने कहा कि अगर कांग्रेस छात्र हितों को लेकर गंभीर है, तो उसे झारखंड आकर छात्रों के आंदोलन का समर्थन करना चाहिए और भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग करनी चाहिए।
नीलिमा केरकेट्टा के पत्र को लेकर सरकार से सवाल
संजय सेठ ने पूर्व JPSC अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा की ओर से वर्ष 2024 में सरकार को लिखे गए पत्र का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि पत्र में JPSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं और खामियों को लेकर सरकार को आगाह किया गया था।
उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने इस पत्र पर क्या कार्रवाई की और यदि पत्र में गंभीर मुद्दे उठाए गए थे तो इसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। संजय सेठ ने कहा कि झारखंड की जनता इस पत्र की सच्चाई और उस पर हुई कार्रवाई के बारे में जानना चाहती है।
TDPL और Binsys को लेकर भी लगाए आरोप
संजय सेठ ने भर्ती परीक्षाओं में इस्तेमाल हुई एजेंसियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि TDPL और Binsys जैसी कंपनियों को लेकर दूसरे राज्यों में कार्रवाई या ब्लैकलिस्ट किए जाने के बावजूद झारखंड में उन्हें परीक्षा प्रक्रिया से जोड़ा गया।
उन्होंने Binsys के निदेशक अरुण कुमार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि 2022 में नौकरी बेचने के आरोपों की जांच में कथित तौर पर साक्ष्य मिलने के बावजूद कार्रवाई में देरी हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘भर्ती परीक्षाओं में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की उगाही’ का आरोप
संजय सेठ ने राज्य सरकार और सत्ता से जुड़े लोगों पर भर्ती परीक्षाओं के नाम पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की कथित उगाही का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि छात्रों को झारखंड से बाहर पटना और नेपाल ले जाकर प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए।
इन आरोपों को लेकर उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी की जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि छात्रों का राज्य CID की जांच पर भरोसा नहीं है।
सरकार से CBI जांच कराने की मांग
संजय सेठ ने JPSC, JSSC-CGL समेत पिछले छह वर्षों में आयोजित भर्ती परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया की जांच CBI से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया, एजेंसियों की भूमिका, कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि छात्रों के बीच भरोसा कायम किया जा सके।
भाजपा की प्रेसवार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और मीडिया सह प्रभारी सतीश सिन्हा भी मौजूद रहे।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis









