रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर SIR की प्रक्रिया को प्रभावित करने और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संथाल परगना के कई इलाकों में मतदाता सूची को लेकर सामने आ रही विसंगतियां गंभीर चिंता का विषय हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार SIR की प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप कर रही है। उनके मुताबिक, साहिबगंज, पाकुड़ और राजमहल समेत संथाल परगना के कुछ क्षेत्रों में मतदाता सूची में उम्र, परिवार और आवासीय दस्तावेजों से जुड़ी विसंगतियां सामने आई हैं।
‘अधिकारियों को JMM-कांग्रेस का पोलिंग एजेंट बना दिया गया’
आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए, लेकिन उनके आरोप के अनुसार अधिकारी राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अधिकारियों को सरकारी सेवक के बजाय JMM-कांग्रेस का पोलिंग एजेंट बनाकर रख दिया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ इलाकों में एक खास वर्ग के लोगों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखने या जोड़ने के लिए प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप किया जा रहा है। हालांकि, ये आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं और इन पर राज्य सरकार या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
संथाल परगना की मतदाता सूची पर उठाए सवाल
भाजपा ने खास तौर पर साहिबगंज, राजमहल और पाकुड़ की मतदाता सूचियों में कथित उम्र और पहचान संबंधी विसंगतियों का मुद्दा उठाया। आदित्य साहू ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में मतदाता सूची का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाना चाहिए।
उन्होंने राजमहल विधानसभा क्षेत्र के कुछ बूथों का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही घर के पते पर मतदाताओं की संख्या में काफी बदलाव दिखाई देता है। उन्होंने पिता-पुत्र की उम्र में बेहद कम अंतर और उम्र से जुड़े अन्य मामलों का भी हवाला दिया।
भाजपा नेता के अनुसार, साहिबगंज जिले में ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां मतदाता सूची में उम्र और पारिवारिक संबंधों को लेकर सवाल खड़े होते हैं। पार्टी ने इन सभी मामलों की जांच की मांग की है।
बरहरवा में फर्जी दस्तावेज के आरोप का भी किया जिक्र
प्रेसवार्ता में आदित्य साहू ने पाकुड़ जिले के बरहरवा प्रखंड में कथित फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर मतदाता सूची में नाम जोड़ने के प्रयास का मामला भी उठाया।
उन्होंने दावा किया कि आहुत गांव से जुड़े मामले में चार अपात्र लोगों और एक कॉमन सर्विस सेंटर संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। भाजपा के अनुसार, कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर मतदाता सूची में नाम जोड़ने का प्रयास किया गया था।
यह मामला अब जांच के दायरे में है। ऐसे में आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
‘बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट करे’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अपने संबोधन में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार कथित घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का विरोध कर रही है।
आदित्य साहू ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम नहीं होना चाहिए और यदि किसी नाम को लेकर शिकायत है तो उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि वह मतदाता सूची को शुद्ध करने के पक्ष में है या संदिग्ध नामों को संरक्षण देने के पक्ष में।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ इलाकों में कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिकों के वोटर आईडी, आधार और पैन कार्ड बनने के मामलों की जांच होनी चाहिए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में नहीं की गई है।
जरूरत पड़ी तो कोर्ट जाएगी भाजपा
आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कथित गड़बड़ियों का दस्तावेजीकरण करेगी और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।
उन्होंने सरकारी अधिकारियों को निष्पक्ष होकर काम करने की सलाह देते हुए कहा कि प्रशासनिक पदों पर बैठे लोगों को राजनीतिक दबाव से दूर रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने कथित अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
राकेश प्रसाद ने भी उठाए सवाल
प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने भी मतदाता सूची को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने अधिकारियों से स्वच्छ और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने की अपील की।
राकेश प्रसाद ने ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन प्रमाण पत्र बनाने की अनुमति दिए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे फर्जी दस्तावेज तैयार करने की संभावना बढ़ सकती है। साथ ही उन्होंने प्रज्ञा केंद्र संचालकों के माध्यम से कथित फर्जी दस्तावेज बनाए जाने के मामलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
प्रेसवार्ता में भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश सिंह भी मौजूद रहे।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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