Jharkhand: झारखंड में जेपीएससी सीजीएल समेत कई नियुक्तियां रद्द किए जाने के फैसले पर आज झारखंड हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। यह सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपक रौशन की कोर्ट में जेएसएशसी सीजीएल नियुक्ति से जुड़ी सैकड़ों प्रार्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान कोर्ट में लंबी बहस की गई, जिसके बाद कोर्ट ने राज्य सरकार के आदेश पर लगी रोक को बरकरार रखते हुए जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा पास कर नौकरी के लिए चयनित हुए नवनियुक्त अफसरों को बड़ी राहत दी है।
सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से वीरय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने जवाब दाखिल करने के लिए समय देने की मांग की, जिसपर कार्ट ने यह कहते हुए बताया कि यह मामला कई लोगों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए ज्यादा समय मांगना सही नहीं है। कोर्ट ने सरकार को 48 घंटो में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को निर्धारित की गई है।
JSSC-CGL परीक्षा में चयनित अफसरों ने याचिका दायर की
बता दें कि JSSC-CGL परीक्षा में चयनित हुए अफसरों ने याचिका दायर की है। जिन्होंने अदालत की शरण ली है, उसमें निरोज कुमार खेस, रमेश उरांव एवं अन्य शामिल हैं। वहीं प्रार्थियों की ओर से राज्य के पूर्व महाधिवक्ता और वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन, अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, कुमार हर्ष, अमृतांश वत्स, दीपांकर राय, अर्पण मिश्रा और अंकित विशाल पक्ष रख रहे हैं।
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