रांची: UPI लेन-देन पर संभावित MDR (Merchant Discount Rate) या शुल्क लगाए जाने की चर्चा को लेकर झारखंड कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने मंगलवार को कहा कि डिजिटल भुगतान पर किसी भी तरह का नया शुल्क आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा।
मुंजनी ने कहा कि जिस UPI को देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया, अब उसी पर शुल्क लगाने की चर्चा चिंता का विषय है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
₹2,000 से ऊपर के लेन-देन पर शुल्क की चर्चा
सतीश पॉल मुंजनी के मुताबिक, ऐसी चर्चा सामने आ रही है कि ₹2,000 तक के UPI लेन-देन को शुल्क-मुक्त रखा जा सकता है, जबकि इससे अधिक के Merchant UPI Transactions पर MDR लगाया जा सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ऐसा प्रस्ताव है तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि MDR किन लेन-देन पर लागू होगा और इसका अंतिम आर्थिक बोझ व्यापारी या उपभोक्ता में से किस पर पड़ेगा।
छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर असर का दावा
कांग्रेस नेता ने कहा कि डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल अब रोजमर्रा की खरीदारी से लेकर छोटे-बड़े कारोबार तक में हो रहा है। ऐसे में UPI पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से छोटे दुकानदारों और व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी पर आने वाला अतिरिक्त खर्च आगे चलकर सामान और सेवाओं की कीमतों में शामिल हो सकता है, जिसका असर आखिरकार उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है।
नोटबंदी का जिक्र कर केंद्र पर साधा निशाना
मुंजनी ने नोटबंदी के दौरान सरकार की ओर से डिजिटल और कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की नीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों ने डिजिटल भुगतान को अपनाया और UPI रोजमर्रा की आर्थिक गतिविधियों का अहम हिस्सा बन गया है।
उन्होंने सवाल किया कि जब डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया गया था, तो अब UPI पर शुल्क लगाने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
₹5 हजार और ₹10 हजार के लेन-देन का भी जिक्र
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर ₹5,000 के लेन-देन पर ₹25 और ₹10,000 के लेन-देन पर ₹50 तक शुल्क लगाए जाने की खबरें सही हैं, तो केंद्र सरकार को वास्तविक प्रस्ताव देश के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि MDR की दर क्या होगी, यह किन लेन-देन पर लागू होगी और शुल्क का भुगतान कौन करेगा।
UPI पर शुल्क का प्रस्ताव वापस लेने की मांग
सतीश पॉल मुंजनी ने केंद्र सरकार से UPI लेन-देन पर किसी भी नए शुल्क या MDR की योजना वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान को जनता की सुविधा का माध्यम बनाए रखा जाना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस जनता पर किसी भी तरह के डिजिटल टैक्स या अतिरिक्त शुल्क के खिलाफ आवाज उठाएगी।
हालांकि, UPI पर शुल्क लगाए जाने से जुड़ी संभावित व्यवस्था को लेकर अंतिम सरकारी फैसला या प्रस्ताव की स्थिति संबंधित आधिकारिक घोषणा से ही स्पष्ट होगी।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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