Jharkhand: वासेपुर का वो गैंगस्टर, जो अरब देश में बैठकर झारखंड की गलियों में दहशत फैलाने का दावा करता था, आज खुद मुश्किलों में घिरता नजर आ रहा है। जिसने धनबाद के एसएसपी को चुनौती दी, जनप्रतिनिधियों को धमकाया और कारोबारियों से रंगदारी मांगी, वो प्रिंस खान अब पहले की तरह मजबूत नजर नहीं आ रहा है। यहां तक की उसका एक भी वीडियो अब सामने नहीं आ रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है उसके गैंग पर पुलिस का लगातार कसता शिकंजा।
कल धनबाद पुलिस ने प्रिंस खान के सगे भाई बंटी खान को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद बंटी खान को पुलिस पैदल लेकर गई और इसी दौरान सामने आए घटनाक्रम ने इस पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया। लेकिन आज बंटी खान के पूछताछ में दिए गए बयान ने इस कहानी को पूरी तरह से साफ कर दिया है, और कहानी यह है कि प्रिंस खान अब अकेला पड़ चुका है… उसके अपने तक उसका साथ छोड़ रहे है?
प्रिंस खान अपनी पत्नी और बच्चों के साथ विदेश भागा
देखा जाए तो गिरफ्तार किए गए बंटी खान ने पूछताछ के दौरान अपने ही भाई प्रिंस खान पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। बंटी के मुताबिक प्रिंस खान अपनी पत्नी और बच्चों के साथ विदेश भाग गया और परिवार के बाकी सदस्यों को पुलिस और कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए यहां अकेला छोड़ दिया। इतना ही नहीं, बंटी खान ने कथित तौर पर अपने भाई प्रिंस खान को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह खुद को बड़ा गैंगस्टर मानता है तो धनबाद वापस आए और कानून का सामना करे। बंटी ने कहा कि अपने परिवार को मुसीबत में छोड़कर विदेश में छिपे रहना कोई बहादुरी नहीं है।
जिस प्रिंस खान के नाम से खौफ की बात कही जाती थी, आज उसी का सगा भाई उसके खिलाफ
बंटी खान ने पुलिस से प्रिंस खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की और कथित तौर पर उसके एनकाउंटर तक की बात कही। उसने कहा कि अगर पुलिस प्रिंस खान का एनकाउंटर करती है तो परिवार का कोई भी सदस्य उसके जनाजे में शामिल नहीं होगा। अब सवाल ये है कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आई कि जिस प्रिंस खान के नाम से धनबाद में खौफ की बात कही जाती थी, आज उसी का सगा भाई उसके खिलाफ इस तरह का बयान दे रहा है?
इस कहानी की शुरुआत होती है मई 2026 से, जब प्रिंस खान की ओर से एक वीडियो जारी कर धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार को धमकी दी गई। इसके बाद लगातार कारोबारियों को धमकाने और रंगदारी मांगने के मामले सामने आते रहे। कुछ दिनों बाद निरसा के विधायक अरूप चटर्जी को धमकी दी गई और इसके बाद सांसद ढुलू महतो को भी धमकी देने की बात सामने आई। यानी एक के बाद एक प्रिंस खान का नाम लगातार सुर्खियों में आता रहा और पुलिस के लिए भी चुनौती बढ़ती गई।
विदेश में बैठा प्रिंस खान सुजीत सिन्हा की मदद से झारखंड के इलाकों में गैंग की गतिविधियों को अंजाम देता था
लेकिन इन चुनौतियों के बीच पुलिस ने सैफी खान उर्फ मेजर को गिरफ्तार किया। सैफी से पूछताछ के बाद पुलिस ने प्रिंस खान के गैंग से जुड़े लोगों पर कार्रवाई तेज कर दी और लगातार उसके गुर्गों की गिरफ्तारियां होने लगीं। पुलिस की कार्रवाई के बीच गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को भी एक जेल से दूसरे जेल शिफ्ट किए जाने के दौरान जामताड़ा के पास पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। बताया गया कि सुजीत पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई में उसकी मौत हो गई।
अब इस कहानी में सुजीत सिन्हा का नाम इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि बताया जाता है कि विदेश में बैठा प्रिंस खान सुजीत सिन्हा की मदद से झारखंड, खासकर धनबाद, रांची और आसपास के इलाकों में अपने गैंग की गतिविधियों को अंजाम देता था। ऐसे में सुजीत सिन्हा की मौत को प्रिंस खान के नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसके बाद प्रिंस खान के गैंग की गतिविधियों पर भी असर पड़ता दिखाई दिया।
क्या वाकई प्रिंस खान अपने गैंग की कमजोर होती स्थिति को महसूस कर चुका है
सबसे खास बात ये है कि सुजीत सिन्हा के एनकाउंटर से लेकर बंटी खान की गिरफ्तारी तक प्रिंस खान का कोई वीडियो सामने नहीं आया है। जिसमें वह पुलिस को या कारोबारियों को धमकी दे रहा हो, बल्कि प्रिंस खान की ओर से धनबाद के कारोबारियों को एक पत्र भेजा गया। इस पत्र में सहयोग करने की बात कही गई थी। इसी पत्र को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए थे।
जिसका जवाब आज सामने आया है कि क्या वाकई प्रिंस खान अपने गैंग की कमजोर होती स्थिति को महसूस कर चुका है? क्या उसके पास पहले जैसी ताकत और संसाधन नहीं बचे हैं? और क्या उसके गुर्गों पर लगातार हो रही पुलिस की कार्रवाई ने उसे घुटनों पर ला दिया है?
अब जरा प्रिंस खान के परिवार और उसके भाइयों की स्थिति को भी समझिए, बताया जाता है कि प्रिंस खान के एक भाई गॉडविन चाईबासा जेल में बंद है, जबकि दूसरे भाई बंटी खान को धनबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं उसके दो भाई विदेश में बताए जाते हैं। पुलिस की ओर से उसके अलग-अलग ठिकानों और घरों की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की जा चुकी है। उसके घरों पर हुई कार्रवाई के बाद कई जगहों पर मकान खंडहर में तब्दील नजर आ रहे हैं।
बंटी की गिरफ्तारी सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पुलिस के लिए प्रिंस खान के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का बड़ा रास्ता
बंटी खान की बात करें तो वह नन्हे हत्याकांड में मार्च 2022 में जेल गया था और इसी साल जनवरी 2026 में बेल पर बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक वह झरिया, गोविंदपुर और निरसा में सक्रिय संपर्कों के साथ रहता था। बताया जाता है कि बंटी खान गैंग के लिए फंड मैनेजमेंट का काम भी करता था। वह कोलकाता में रहकर रंगदारी से वसूले गए पैसों को निवेश करने का काम कर रहा था। अब पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद बंटी से हुई पूछताछ इस पूरे नेटवर्क के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
पुलिस की पूछताछ में बंटी ने कई ऐसे लोगों के नाम भी बताए हैं, जो अब तक पुलिस के रडार पर नहीं थे। ऐसे में पुलिस अब उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। यानी बंटी की गिरफ्तारी सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि पुलिस के लिए प्रिंस खान के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का एक बड़ा रास्ता भी बन सकती है।
अगर देखा जाए तो सैफी खान उर्फ मेजर की गिरफ्तारी को पुलिस पहले ही बड़ी उपलब्धि मान रही थी। लेकिन बंटी खान की गिरफ्तारी उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि बंटी गैंग के आर्थिक नेटवर्क और उसके संपर्कों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। अब उसकी पूछताछ के जरिए पुलिस प्रिंस खान के मौजूदा नेटवर्क, उसके संपर्कों और उसके संभावित ठिकाने तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
विदेश में बैठकर झारखंड में अपना खौफ कायम रखने का दावा करने वाला प्रिंस खान फिलहाल बैकफुट पर है
वही प्रिंस खान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस पहले से जारी है। ऐसे में अगर बंटी से मिली जानकारी पुलिस के लिए अहम साबित होती है तो विदेश में छिपे प्रिंस खान तक पहुंचने की कोशिश और तेज हो सकती है। दूसरी तरफ प्रिंस खान भी लगातार अपना ठिकाना बदलने की कोशिश कर रहा होगा, ऐसी आशंका के बीच पुलिस उसके मौजूदा लोकेशन का पता लगाने में जुटी है। कुल मिलाकर देखा जाए तो पिछले छह महीनों में जिस प्रिंस खान के नेटवर्क पर एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई हुई है। पहले उसके गुर्गों की गिरफ्तारियां, फिर सुजीत सिन्हा का एनकांटर और अब उसके सगे भाई बंटी खान की गिरफ्तारी।
ऊपर से परिवार के सदस्यों पर कानूनी कार्रवाई और ठिकानों पर कुर्की-जब्ती। इन तमाम घटनाओं को जोड़कर देखें तो तस्वीर यही बनती है कि विदेश में बैठकर झारखंड में अपना खौफ कायम रखने का दावा करने वाला प्रिंस खान फिलहाल बैकफुट पर है।
जो प्रिंस खान विदेश में बैठकर धनबाद और झारखंड में अपने नेटवर्क को संचालित करने का दावा करता रहा था? उस प्रिंस के किले को पुलिस के द्वारा तोड़ दिया गया है। और अब बंटी खान की गिरफ्तारी और उसके द्वारा दिए गए बयान ने इस कहानी को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








