रांची: झारखंड में खनिज और उससे मिलने वाले राजस्व को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। केंद्र सरकार के MMDR Amendment Act 2026 को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नए कानून का सीधा असर झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य पर पड़ेगा।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस महासचिव प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव और प्रदेश प्रवक्ता सुनील सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र ने ऐसा कानून बनाया है, जिससे राज्यों के खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकार और उनकी कमाई प्रभावित हो सकती है।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, अगर यह व्यवस्था लागू रहती है तो 2026-27 में झारखंड को खनिज क्षेत्र से मिलने वाली करीब 14,656 करोड़ रुपये की राशि पर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि खनिज से मिलने वाला पैसा सिर्फ सरकारी खजाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसी से कई जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संसाधन जुटाए जाते हैं।
कांग्रेस ने खास तौर पर मंईयां सम्मान योजना, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल-नल योजना, सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण विकास का जिक्र किया। पार्टी का कहना है कि खनिज राजस्व में कमी आती है तो इन क्षेत्रों के लिए उपलब्ध वित्तीय संसाधनों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
‘झारखंड को विकास से वंचित करने की कोशिश’
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र पर राजनीतिक भेदभाव का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि झारखंड में महागठबंधन की सरकार है और इसी वजह से राज्य को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, यह कांग्रेस का राजनीतिक आरोप है।
सुनील सिंह और प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव ने कहा कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में है। यहां से निकलने वाला कोयला, लौह अयस्क और दूसरे खनिज देश के उद्योगों और विकास में बड़ी भूमिका निभाते हैं। ऐसे में जिस राज्य की जमीन से खनिज निकलता है, वहां उसके पर्यावरण और स्थानीय प्रभाव की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार की होती है।
कांग्रेस का तर्क है कि खनिजों को लेकर केंद्र का अधिकार अपनी जगह है, लेकिन राज्यों के अधिकारों और संघीय ढांचे का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
सड़क पर उतरेगी कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि पार्टी इस मुद्दे को अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रखेगी। उनका कहना है कि जब तक केंद्र सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती, तब तक पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी और लोगों के बीच जाकर कानून के संभावित असर को बताएगी।
इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति और गरमाने के आसार हैं। एक तरफ राज्य सरकार खनिज राजस्व और राज्यों के अधिकारों को लेकर केंद्र से सवाल कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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