Ranchi: केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने शनिवार को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता कर MMDR संशोधन कानून को लेकर केंद्र सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि संशोधन से खनन क्षेत्र में कर व्यवस्था अधिक एकरूप और पारदर्शी होगी तथा झारखंड में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
अन्नपूर्णा देवी ने झामुमो, कांग्रेस और राजद नेताओं के विरोध को जनता को गुमराह करने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड में खनन क्षेत्र में नई गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं और पलायन कम करने में मदद मिल सकती है।
झारखंड सरकार के विरोध को बताया भ्रम फैलाने की कोशिश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में टैक्स व्यवस्था को स्थिर और पारदर्शी बनाना है। उनके मुताबिक, नीलामी के बाद अलग-अलग टैक्स और सेस लगाए जाने से कारोबारियों के सामने अनिश्चितता रहती थी। संशोधन से ऐसी स्थिति में कमी आएगी।
MMDR संशोधन के तहत राज्य सरकारों पर खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर टैक्स, सेस या अन्य लेवी लगाने को लेकर प्रतिबंध लगाए गए हैं, हालांकि केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों के तहत इसकी अनुमति का प्रावधान है। केंद्र सरकार का कहना है कि राज्यों को मिलने वाले मौजूदा खनन राजस्व का करीब 90 फीसदी हिस्सा आगे भी राज्यों को मिलता रहेगा।
बिल का उद्देश्य देशभर में खनन क्षेत्र के लिए एक समान व्यवस्था बनाना
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि संशोधन केवल झारखंड तक सीमित नहीं है और इसका उद्देश्य देशभर में खनन क्षेत्र के लिए एक समान व्यवस्था बनाना है। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत’ के साथ ‘विकसित झारखंड’ के लक्ष्य से भी जोड़ा।
वहीं, झारखंड सरकार संशोधन का विरोध कर रही है और सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा कर चुकी है। राज्य सरकार का तर्क है कि इससे खनन राजस्व और राज्य की वित्तीय स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है।
प्रेस वार्ता में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, मृत्युंजय शर्मा, प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी सतीश सिन्हा और सूरज शाहदेव मौजूद रहे।

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