Ranchi: झारखंड में सत्तारूढ़ हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ भाजपा ने राजनीतिक संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। रांची के सुकुरहुट्टू स्थित हवेली बैंक्वेट हॉल में आयोजित भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन राजनीतिक प्रस्ताव-2 सर्वसम्मति से पारित किया गया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रस्ताव पेश किया, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, मधु कोड़ा और विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी व मंजू कुमारी ने इसका अनुमोदन किया।
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक में भाजपा ने राज्य सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और आदिवासियों की जमीन से जुड़े मामलों में विफल रहने का आरोप लगाया। पार्टी ने इन मुद्दों को लेकर राज्यव्यापी जनजागरण और लोकतांत्रिक आंदोलन चलाने का संकल्प लिया।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राजनीतिक दल अपने प्रस्तावों के माध्यम से जनता के बीच जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार में विकास कार्य ठप हैं और भ्रष्टाचार बढ़ा है। उन्होंने आदिवासी जमीन, विस्थापन, खनिज संपदा और बेरोजगारी के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।
मरांडी ने बिरसा मुंडा सहित झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान और अलग राज्य के गठन का उल्लेख करते हुए भाजपा की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो और कांग्रेस जल, जंगल और जमीन का नारा देती हैं, लेकिन आदिवासियों के हितों की रक्षा करने में विफल रही हैं।
उन्होंने खनन और कोयले से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की। साथ ही, राज्य की बदलती जनसांख्यिकी पर चिंता जताते हुए घुसपैठ का मुद्दा उठाया। मरांडी ने पिछड़ा वर्ग आयोग से संबंधित ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी कराकर पंचायत चुनाव कराने की मांग भी की।
चंपई सोरेन और मधु कोड़ा ने भी साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने पेंशन, अबुआ आवास, हरा राशन कार्ड, प्राथमिक शिक्षा और आदिवासी जमीन से जुड़े मुद्दों को उठाया। चंपई सोरेन ने कहा कि राज्य के विस्थापितों को अब तक न्याय नहीं मिला है।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई है और भ्रष्टाचार बढ़ा है। उन्होंने छात्रों के मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने छात्र हितों से जुड़े सवालों पर सरकार के सामने आवाज उठाई है।
विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और मंजू कुमारी ने भी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की।
रोजगार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था पर प्रस्ताव में जोर
राजनीतिक प्रस्ताव में वर्ष 2019 से सत्ता में रही झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया गया। भाजपा ने पांच लाख नौकरी प्रतिवर्ष, बेरोजगारी भत्ता, सरकारी नौकरी, ओबीसी आरक्षण और किसानों को धान का समर्थन मूल्य देने जैसे वादों का उल्लेख किया।
प्रस्ताव में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, छात्रवृत्ति, पेंशन, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था, पलायन तथा मानव तस्करी जैसे मुद्दे भी उठाए गए। भाजपा ने राज्य में अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
खनिज संपदा के उपयोग, सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को लेकर भी सरकार की जवाबदेही तय करने की बात कही गई। ये आरोप और दावे भाजपा के राजनीतिक प्रस्ताव का हिस्सा हैं।
गांव-गांव तक पहुंचने का संकल्प
कार्यसमिति ने निर्णय लिया कि पार्टी कार्यकर्ता गांवों और घरों तक पहुंचकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएंगे। भाजपा ने युवाओं, छात्रों, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों और वंचित वर्गों के मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कही।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को भी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सुना। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने किया।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, बाबूलाल मरांडी, सौदान सिंह, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल सहित पार्टी के सांसद, विधायक और विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे।

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