नई दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी विवाद के बीच इंडी गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी दलों ने ‘जन महाभियोग’ नाम से प्रतीकात्मक मॉक संसद का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की।
यह आयोजन दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित विपक्ष की ‘दिल्ली चलो’ रैली से एक दिन पहले किया गया। विपक्षी दलों ने SIR प्रक्रिया और कथित वोट चोरी को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग दोहराई।
मीरा कुमार ने मतदाता के अधिकार पर उठाए सवाल
मॉक संसद की शुरुआत करते हुए मीरा कुमार ने कहा कि भारत का लोकतंत्र चुनावों की शक्ति से चलता है और इस प्रक्रिया के केंद्र में मतदाता होता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी एक मतदाता को भी वोट डालने के अधिकार से वंचित किया जाता है, तो यह लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार है।
खरगे ने SIR प्रक्रिया पर लगाए आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने रातों-रात SIR की घोषणा की और इसे लागू करने का उद्देश्य भाजपा विरोधी मतदाताओं के नाम हटाना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बनाए रखने और उनके मतदान के अधिकार की रक्षा की मांग कर रहा है।
खरगे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर छह आरोप लगाए। इनमें चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश, 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव, ECINET के जरिए मतदाता सूचियों पर नियंत्रण और अन्य चुनाव आयुक्तों को प्रक्रिया से बाहर रखने जैसे आरोप शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहे हैं।
हालांकि, ये सभी विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस कार्यक्रम में प्रस्तुत जानकारी से नहीं होती है।
विपक्ष ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने, SIR प्रक्रिया रोकने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून को विपक्षी सांसदों के निलंबन के बीच संसद में पारित कराया गया और इससे चुनाव आयुक्तों को विशेष कानूनी सुरक्षा मिलती है।
पवन खेड़ा बोले- यह सार्वजनिक महाभियोग है
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कार्यक्रम को केवल प्रतीकात्मक संसद मानने से इनकार करते हुए इसे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का ‘सार्वजनिक महाभियोग’ बताया। उन्होंने कहा कि इसमें इंडी गठबंधन के नेताओं के साथ नागरिक समाज के सदस्य भी शामिल हो रहे हैं।
इंडी गठबंधन ने इस आयोजन के जरिए SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की है। अब रामलीला मैदान की प्रस्तावित रैली में भी विपक्ष इन मुद्दों को उठाने की तैयारी में है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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