Jharkhand: झारखंड में रंगदारी और गोलीबारी जैसी आपराधिक घटनाओं के आरोपों का सामना कर रहे गैंगस्टर राहुल दुबे और राहुल सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दोनों के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि दोनों विदेश में रहकर अपने गुर्गों के जरिए झारखंड में आपराधिक नेटवर्क चला रहे हैं। इस कार्रवाई से दोनों की तलाश में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुलिस सहयोग मिलने की उम्मीद है।
क्या होता है रेड कॉर्नर नोटिस?
रेड कॉर्नर नोटिस इंटरपोल की ओर से जारी किया जाने वाला एक अंतरराष्ट्रीय अलर्ट है। इसके जरिए दुनिया भर की पुलिस को किसी वांछित व्यक्ति का पता लगाने और संबंधित देश के कानूनों के तहत उसे गिरफ्तार करने में सहयोग मांगा जाता है, ताकि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। हालांकि, यह सीधे गिरफ्तारी का आदेश नहीं होता।
झारखंड ATS के प्रस्ताव पर हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, झारखंड पुलिस मुख्यालय ने एटीएस के मामले में राहुल दुबे और राहुल सिंह के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने के लिए सीबीआई को प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद सीबीआई ने इंटरपोल से संपर्क किया। इसी प्रक्रिया के बाद दोनों गैंगस्टरों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया।
बताया जा रहा है कि दोनों मलेशिया में रहकर झारखंड में अपने स्थानीय गुर्गों के जरिए आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इनके गिरोहों पर कारोबारियों, ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों को निशाना बनाकर रंगदारी मांगने, धमकी देने और रकम नहीं मिलने पर फायरिंग करने के आरोप हैं।
अमन साहू के बाद गिरोह संभालने का दावा
राहुल सिंह को लेकर बताया जाता है कि वह पहले कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू के गिरोह से जुड़ा हुआ था। अमन साहू के मारे जाने के बाद राहुल सिंह ने कथित तौर पर गिरोह की कमान संभाल ली। इसके बाद से उसके नेटवर्क की गतिविधियां झारखंड पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
दूसरी ओर, राहुल दुबे का गिरोह भी झारखंड के कोयला और औद्योगिक क्षेत्रों में सक्रिय बताया जाता है। रांची, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग समेत कई जिलों में इस गिरोह का नाम रंगदारी मांगने, कारोबारियों को धमकाने और निर्माण स्थलों पर फायरिंग की घटनाओं में सामने आता रहा है।
हजारीबाग के होटल पर फायरिंग के बाद चर्चा में आया राहुल दुबे का नाम
हाल के दिनों में हजारीबाग और रांची में हुई गोलीबारी की घटनाओं में राहुल दुबे के गिरोह का नाम सामने आने की बात कही गई है। 29 अक्टूबर की रात हजारीबाग के मटवारी स्थित एके इंटरनेशनल होटल पर गोलीबारी हुई थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर राहुल दुबे के नाम से जिम्मेदारी लेने और होटल संचालक को धमकी देने वाला पोस्ट सामने आया था।
इस तरह की घटनाओं से कारोबारियों और ठेकेदारों के बीच दहशत का माहौल पैदा होने की आशंका रहती है। पुलिस के लिए विदेश में रहकर कथित तौर पर गिरोह संचालित करने वाले आरोपियों तक पहुंचना भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अब क्या होगी आगे की कार्रवाई?
रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद राहुल दुबे और राहुल सिंह का पता लगाने में अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग मिल सकता है। यदि संबंधित देश में उनका पता चलता है, तो वहां के कानूनों के अनुसार गिरफ्तारी और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर विचार किया जा सकता है। रेड कॉर्नर नोटिस अपने आप गिरफ्तारी या भारत वापसी की गारंटी नहीं देता।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि झारखंड एटीएस, सीबीआई और अन्य संबंधित एजेंसियां इस कार्रवाई के बाद दोनों गैंगस्टरों तक पहुंचने के लिए आगे क्या कदम उठाती हैं।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









