Dhanbad: धनबाद के बहुचर्चित रिंग रोड भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई लगातार जारी है। जनवरी 2026 में 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद अब एसीबी ने 85 वर्षीय नरसिंह दास को गिरफ्तार किया है। उन पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी खजाने से 6.32 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा लेने का आरोप है।
एसीबी ने नरसिंह दास की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्हें 5 नवंबर को निगरानी थाना कांड संख्या 32/16 में गिरफ्तार किया गया। वह बिहार के अरवल जिले के परशुरामपुर गांव के निवासी हैं। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की संख्या 18 हो गई है।
1970 की जमीन रजिस्ट्री में कूटरचना का आरोप
एसीबी की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, नरसिंह दास पर धनबाद मौजा संख्या 51 के खाता संख्या 121 और प्लॉट संख्या 1630 से संबंधित दस्तावेजों में हेराफेरी कर 6 करोड़ 32 लाख 13 हजार 585 रुपये और 99 पैसे का अवैध मुआवजा हासिल करने का आरोप है।
जांच एजेंसी का दावा है कि 21 अक्टूबर 1970 को हुई जमीन की मूल रजिस्ट्री के दस्तावेजों में कूटरचना की गई। जिला अवर निबंधक कार्यालय से मिले रिकॉर्ड के अनुसार, मूल दस्तावेज बांग्ला लिपि में हराधन महतो एवं अन्य के नाम पर दर्ज था। आरोप है कि इसे अंग्रेजी में कूटरचित दस्तावेज के रूप में तैयार करवाया गया और उसी के आधार पर मुआवजे की राशि हासिल की गई।
जनवरी में 17 लोगों पर हुई थी कार्रवाई
इस घोटाले में जनवरी 2026 में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई की थी। तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी उदयकांत पाठक, तत्कालीन अंचल अधिकारी विशाल कुमार और कानूनगो मिथिलेश कुमार समेत 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें भू-अर्जन कार्यालय के कर्मचारी, अमीन और कथित बिचौलिये भी शामिल थे।
अब नरसिंह दास की गिरफ्तारी से जांच का दायरा और बढ़ा है। फिलहाल एसीबी उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया में जुटी है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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