Dhanbad: बीसीसीएल की एरिया-12 अंतर्गत दहीबाड़ी परियोजना के पास पलासिया जंगलों में अवैध कोयला खनन धड़ल्ले से जारी है। सोमवार को इसी क्षेत्र में खनन के कारण एक चाल धंसने की घटना सामने आई है, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर मिल रही है। हालाँकि इस घटना की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पलासिया के जंगलों में वर्षों से अवैध खनन का कारोबार बेरोकटोक जारी है। यह क्षेत्र कालुबथान ओपी और पंचेत ओपी की सीमा में आता है, लेकिन दोनों ही क्षेत्रों में प्रशासनिक सख्ती का अभाव स्पष्ट दिखाई देता है।
बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा कभी-कभी खानापूर्ति के लिए डोजिंग की कार्रवाई जरूर की जाती है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं दिखती। वहीं, हैरानी की बात यह है कि इसी जंगल में अवैध रूप से कोयले के भट्ठे भी संचालित किए जा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि यदि यह अवैध खनन लगातार जारी रहा, तो इससे ना केवल पर्यावरण को नुकसान होगा, बल्कि जान-माल का खतरा भी बढ़ता जाएगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब कैमरे में अवैध खनन के सबूत दर्ज हैं, तो बीसीसीएल अधिकारी, स्थानीय पुलिस, और सीआईएसएफ जैसी सुरक्षा एजेंसियाँ चुप क्यों हैं? क्या प्रशासन की चुप्पी मिलीभगत का संकेत है या लापरवाही का नतीजा?












