भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद आज (13 मई) विदेश मंत्रालय की ओर से एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और पीओके (गुलाम कश्मीर) को लेकर भारत की नीति बिल्कुल साफ है — यह मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मामला है, और इसमें किसी तीसरे देश के दखल की कोई आवश्यकता नहीं है.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को मिला करारा जवाब
ऑपरेशन सिंदूर के तहत हुई सैन्य कार्रवाई पर बोलते हुए जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को इस बार करारा सबक सिखाया गया है. उन्होंने बताया कि सीजफायर के बावजूद सिंधु जल समझौते को फिलहाल सस्पेंड रखा गया है, जो भारत की कूटनीतिक सख्ती को दर्शाता है.
गुलाम कश्मीर पर भारत की कड़ी स्थिति
प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को अब यह समझ लेना चाहिए कि गुलाम कश्मीर (पीओके) को भारत में मिलाना ही पड़ेगा. यह भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का विषय है, और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.













