KhabarMantra: झारखंड प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) ने राज्य सरकार की शराब नीति पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सागर कुमार ने कहा कि जदयू पूर्ण शराबबंदी की पुरजोर वकालत करता है और झारखंड में भी इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का भी यह सपना रहा है। संसद में उन्होंने स्पष्ट कहा था कि महाजन और ज़मींदार आदिवासियों को शराब पिलाकर उनकी जमीन हड़प लेते हैं, इसलिए देश के किसी भी कोने में शराब की दुकानें नहीं होनी चाहिए। वर्तमान शराब नीति गुरुजी के विचारों और उनके संघर्ष की भावना के विपरीत है।
सागर कुमार ने आरोप लगाया कि यह नीति शराब माफियाओं और कॉरपोरेट सिंडिकेट को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई है। इसमें अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर रोक के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है। लगातार नकली और ज़हरीली शराब के सेवन से लोगों की जान जा रही है, लेकिन सरकार चुप है।
इस मुद्दे पर पार्टी के प्रदेश महासचिव और पूर्व उत्पाद अधीक्षक उपेन्द्र नारायण सिंह ने भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा हर शराब दुकान पर प्रतिमाह जो बिक्री लक्ष्य तय किया गया है, वह अत्यधिक और अव्यावहारिक है। इससे गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही पड़ोसी राज्य बिहार की पूर्ण शराबबंदी पर भी असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बार-बार शराब नीति में बदलाव से सरकार की मंशा और कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही, इससे राजस्व हानि भी हो रही है। जदयू ने मांग की है कि झारखंड में अविलंब पूर्ण शराबबंदी लागू की जाए और शराब माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।












