झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात करके राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए छह नए मेडिकल कॉलेज, रांची में एम्स की स्थापना और एक मेडिको सिटी की स्थापना की स्वीकृति की मांग की. इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.
डॉ. अंसारी ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि झारखंड में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण उन्हें अक्सर दूसरे राज्यों में इलाज के लिए जाना पड़ता है. इसके लिए उन्होंने राज्य में एक समर्पित मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (मेडिको सिटी) की आवश्यकता की बात की, जो मरीजों के लिए पर्याप्त चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर सके.
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उन्होंने नेशनल मेडिकल कमीशन के मानकों का हवाला देते हुए बताया कि झारखंड जैसे राज्य में जनसंख्या के हिसाब से कम से कम 39 मेडिकल कॉलेज होने चाहिए, जबकि वर्तमान में राज्य में सिर्फ नौ मेडिकल कॉलेज हैं. इसके अलावा, डॉ. अंसारी ने रांची में एम्स की स्थापना की मांग भी की, क्योंकि रांची राज्य की चिकित्सा गतिविधियों का केंद्र है और यहां एक एम्स की अत्यधिक आवश्यकता है.
आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित भुगतान पर चिंता
डॉ. अंसारी ने केंद्र से राज्य के 213 सूचीबद्ध अस्पतालों के आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित भुगतान पर भी शीघ्र समाधान की अपील की. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से कहा कि ईडी के हस्तक्षेप के कारण अस्पतालों को भुगतान में देरी हो रही है, जिससे मरीजों और अस्पतालों को काफी परेशानियां हो रही हैं. केंद्रीय मंत्री ने इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को भुगतान प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए.
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रिनपास के अपग्रेडेशन की मांग
स्वास्थ्य मंत्री ने रिनपास (रांची इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड अलाइड Sciences) को अपग्रेड करने के लिए भी केंद्रीय मंत्री से आर्थिक सहायता की मांग की. उन्होंने इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री को रिनपास के शताब्दी समारोह में आमंत्रित किया और रांची से उनके व्यक्तिगत जुड़ाव पर भी चर्चा की.
नकली दवाओं के खिलाफ दो नई टेस्टिंग लैब
राज्य में नकली दवाओं की बढ़ती समस्या को लेकर डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्रीय मंत्री से मेडिसिन टेस्टिंग लैब की स्थापना की मांग की. इस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए राज्य में दो नई दवा जांच लैब स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की. यह कदम झारखंड में नकली दवाओं की रोकथाम और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक अहम पहल होगी.
रिम्स-2 परियोजना का विरोध
इस बैठक के दौरान डॉ. अंसारी ने रिम्स-2 परियोजना के विरोध का भी जिक्र किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में राजनीति नहीं होनी चाहिए. केंद्रीय मंत्री ने भी इस विरोध को अनुचित बताया और कहा कि उन्हें जानकारी दी जाए कि कौन लोग इस परियोजना में बाधा डाल रहे हैं.
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वर्चुअल बैठक की जगह शारीरिक बैठक की अपील
डॉ. इरफान अंसारी ने सुझाव दिया कि विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक वर्चुअल तरीके से न होकर दिल्ली में आयोजित की जाए, ताकि स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर अधिक प्रभावी चर्चा हो सके.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए झारखंड को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया.












