झारखंड में एक बार फिर भ्रष्टाचार को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए सड़क निर्माण में हो रही भारी अनियमितताओं को उजागर किया है.
मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड की हेमंत सरकार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में “सबसे ज्यादा घोटाले करने वाली सरकार” के तौर पर नाम दर्ज कराने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं पथ निर्माण विभाग की कमान संभाले हुए हैं, और इस विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है.
टेंडर में खेल, भुगतान में हेराफेरी
मरांडी के अनुसार, विभाग में ठेकेदारों का चयन और टेंडर की प्रक्रिया पहले से ही संदेह के घेरे में है. उन्होंने कहा कि जब टेंडर न्यूनतम दर पर भी एलॉट किया जाता है, तो बाद में ‘अतिरिक्त कार्य’ दिखाकर पेमेंट बढ़ा दिया जाता है और इसके लिए मोटी वसूली की जाती है.
सड़क नहीं, मिट्टी का ढेर बन रहा है!
बाबूलाल मरांडी ने लोहरदगा जिले के पेशरार गांव में हो रहे एक सड़क निर्माण का हवाला देते हुए कहा कि वहां न तो गिट्टी है, न डामर और न ही GSB (ग्रैन्युलर सब-बेस). सीधे मिट्टी डालकर ऊपर से थोड़ी बहुत लीपा-पोती कर खानापूर्ति की जा रही है.
उन्होंने कहा, GSB सड़क की नींव होती है, और जब नींव ही गायब हो, तो सड़क की मजबूती की कल्पना भी नहीं की जा सकती. यह सड़कें तो पहली बारिश में बहने के लिए ही बन रही हैं.
घोटालों की नींव पर टिकी सरकार
मरांडी ने तंज कसते हुए कहा, जिस सरकार की नींव ही घोटालों पर टिकी हो, वहां सड़क जैसी बुनियादी चीजों में पारदर्शिता की उम्मीद बेकार है.
उन्होंने मुख्यमंत्री से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए यह भी चेतावनी दी कि कहीं वीडियो बनाने वाले जागरूक नागरिकों पर ही झूठे मुकदमे न दर्ज कर दिए जाएं — जैसा कि हेमंत सरकार में आम बात हो चुकी है.













