DhanbadNews: जमुआटाड़ा प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय इरकिया में शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। सोमवार सुबह जब खबर मन्त्र की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, तो स्कूल परिसर का दृश्य चौंकाने वाला था। छात्र पढ़ाई के बजाय ‘गोटिया’ खेल रहे थे और छोटे बच्चों से बाल्टी में पानी भरवाया जा रहा था। निर्धारित समय सुबह 7:15 बजे के बजाय शिक्षक करीब 8:45 बजे स्कूल पहुंचे और प्रार्थना करवाई।

प्रार्थना के बाद भी बच्चे कक्षा में नहीं बैठे, बल्कि स्कूल परिसर में घूमते और खेलते देखे गए। वहीं शिक्षक अपने कार्यालय में बैठकर केवल रजिस्टर मेंटेन करने में लगे रहे।
Read More: झारखंड में 10 से 13 जून तक भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
प्रधानाध्यापक ने झुठलाया आरोप, अभिभावकों ने किया विरोध
जब इस पूरे घटनाक्रम पर प्रधानाध्यापक से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि “आज ही ऐसा हुआ है, अन्य दिनों में सब कुछ नियमित होता है।” लेकिन बच्चों और उपस्थित अभिभावकों ने उनके इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए बताया कि यह रोज़ की कहानी है।

ग्रामीणों के आरोप गंभीर:
- शिक्षक सिर्फ उपस्थिति दर्ज कर स्कूल से हो जाते हैं गायब
- मिड-डे मील में भारी अनियमितता, मेन्यू बोर्ड दिखावा मात्र
- हर दिन सिर्फ खिचड़ी, पौष्टिक आहार नदारद
- शौचालय के बावजूद छात्र खेतों में जाते हैं शौच के लिए
- स्कूल में बिजली-पंखे की समुचित व्यवस्था नहीं, गर्मी से बेहाल छात्र
- स्कूल का भीतर का भवन जर्जर, सिर्फ बाहरी रंग-रोगन से सजावट
- छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस प्रबंध नहीं
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जहां एक ओर सरकार शिक्षा को लेकर करोड़ों रुपये विज्ञापन और योजनाओं पर खर्च कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इरकिया जैसे गांवों में शिक्षा की बदहाली को उजागर कर रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले की जांच कर दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई करे और स्कूल की व्यवस्था में शीघ्र सुधार लाया जाए।
Read More: मामूली सी बात पर टेंपो चालक ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर पत्थर से किया हमला, देखिए वीडियो











