13 जून 2025 को क्या हुआ? – घटना का ब्रीफ
इज़रायल ने ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र और अन्य सैन्य ठिकानों पर एक बड़ा हमला किया। इस हमले में कम से कम 6 शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों की मौत हुई और ईरान का परमाणु कार्यक्रम 1-2 साल पीछे चला गया। जवाब में, ईरान ने 100 से अधिक शाहेद-136 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें इज़रायल पर दागीं।
तेल अवीव सहित कई इज़रायली शहरों में धमाके हुए। हालांकि जॉर्डन और इज़रायली वायु सेना ने अधिकतर मिसाइलों को मार गिराया, कुछ मिसाइलें लक्ष्यों तक पहुंचने में सफल रहीं।
क्या यह वर्ल्ड वॉर 3 की शुरुआत हो सकती है?
वर्ल्ड वॉर की परिभाषा:
जब कई महाशक्तियां एक साथ सैन्य संघर्ष में शामिल हो जाएं और युद्ध के प्रभाव से वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा ढांचा बदल जाए — उसे ही वर्ल्ड वॉर कहा जाता है।
वर्ल्ड वॉर की संभावना: कितना करीब है संकट?
वर्तमान स्थिति:
- ईरान vs इज़रायल: सीधा युद्ध शुरू
- अमेरिका-नाटो: इज़रायल को समर्थन, 40,000 सैनिक पहले से मिडल ईस्ट में तैनात
- रूस-चीन: ईरान को समर्थन देने के संकेत
विशेषज्ञों का अनुमान:
अगले 72 घंटे बेहद अहम हैं। अगर रूस और चीन खुलकर ईरान का साथ देते हैं, तो वर्ल्ड वॉर 3 की संभावना 30-40% तक हो सकती है।
रूस का रुख: सैन्य समर्थन की आहट?
- क्रेमलिन की चेतावनी: “इज़रायली हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन”
- ईरान को हथियार: S-300 मिसाइल सिस्टम और तकनीकी सहायता पहले से
- रणनीति: अमेरिका की मध्य पूर्व में पकड़ कमजोर करना
अगर रूस ईरान को और सैन्य सप्लाई या सलाहकार भेजता है, तो युद्ध का दायरा बढ़ सकता है।
चीन की चुप्पी या रणनीति?
- 400 अरब डॉलर का डील: चीन-ईरान के बीच ऊर्जा समझौता
- इज़रायल के खिलाफ बयान: “स्थिरता के लिए खतरा”
- फिलहाल सैन्य हस्तक्षेप नहीं, लेकिन आर्थिक और तकनीकी सहायता संभव
चीन का रुख यह दर्शाता है कि वह “शांति समर्थक” दिखना चाहता है, लेकिन “रणनीतिक रूप से ईरान के साथ खड़ा रहना” भी जरूरी मानता है।
अन्य देशों का रुख
- जॉर्डन: ईरान के ड्रोन गिराए, अमेरिका का सहयोगी
- सऊदी अरब/यूएई: अब तक तटस्थ
- तुर्की: मध्यस्थता की कोशिश, इज़रायल से संबंध तनावपूर्ण
- भारत: शांति की अपील, भारतीय नागरिकों को लौटने की सलाह
वैश्विक असर: अगर युद्ध बढ़ा तो…
अर्थव्यवस्था पर प्रभाव:
- तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं
- सप्लाई चेन पर असर: भारत, चीन और यूरोप प्रभावित होंगे
- शेयर बाजारों में भारी गिरावट संभव
️ परमाणु खतरा:
ईरान के पास अभी तक सार्वजनिक रूप से परमाणु हथियार नहीं है, लेकिन अगर संघर्ष और बढ़ा, तो इस खतरे को नकारा नहीं जा सकता।
वर्ल्ड वॉर रोकने की कोशिशें
- संयुक्त राष्ट्र की आपात बैठक
- यूरोपीय यूनियन की मध्यस्थता पहल
- ओपेक की अपील: तेल सप्लाई बाधित न हो
“दुनिया एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ी है, जहां हर फैसला अगली सुबह की तस्वीर बदल सकता है। क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत है? या कूटनीति की आखिरी कोशिशें काम करेंगी? सबकी नजर अब रूस और चीन के अगले कदम पर है।













