ED Raid: बिहार सिपाही बहाली घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। 19 जून को पटना ईडी की टीम ने बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुल 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से की गई, जो इसीआईआर (ECIR) दर्ज होने के बाद शुरू की गई।
सिपाही बहाली घोटाले में भी NEET पेपर लीक के मास्टरमाइंड की भूमिका
सूत्रों के अनुसार, NEET पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड सजीव मुखिया ही इस बहुचर्चित सिपाही बहाली घोटाले (Bihar Constable Recruitment Scam 2023) का भी मुख्य साजिशकर्ता है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वर्ष 2023 में हुई बिहार सिपाही बहाली परीक्षा में सजीव मुखिया ने संगठित गिरोह के जरिए पेपर लीक और फिजिकल टेस्ट में धांधली को अंजाम दिया।
छापेमारी कहां हुई?
ईडी की टीम ने पटना, नालंदा (बिहार), रांची (झारखंड), लखनऊ (उत्तर प्रदेश) और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में एक साथ छापेमारी की है। जिन 11 ठिकानों पर छापे मारे गए, उनमें कई निजी आवास, कोचिंग संस्थान और संदिग्धों के दफ्तर शामिल हैं।
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सिपाही बहाली परीक्षा 2023 में कैसे हुआ था घोटाला?
- अक्टूबर 2023 में हुई बिहार सिपाही बहाली परीक्षा में बड़ी अनियमितताएं सामने आई थीं।
- लिखित परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो गए थे।
- फिजिकल टेस्ट (PET) में भी तकनीकी गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
- SIT जांच में यह सामने आया कि परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ, डिजिटल उपकरण आदि का इस्तेमाल हुआ।
- इसके बाद CSBC (केंद्रीय चयन पर्षद) ने पूरी परीक्षा को रद्द कर दिया था।
अब तक की कार्रवाई:
- बिहार आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने इस मामले में FIR दर्ज कर कई गिरफ्तारियां की थीं।
- अब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है, जिससे पैसों के लेन-देन और हवाला कनेक्शन सामने आने की संभावना है।
- माना जा रहा है कि जल्द ही कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
बिहार सिपाही बहाली घोटाले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए खुलासे सामने आ रहे हैं। नीट घोटाले में नामजद सजीव मुखिया की भूमिका एक बार फिर शक के घेरे में है। ईडी की इस ताजा छापेमारी से घोटाले की जड़ें और गहराने की संभावना है।













