Technology news: टेस्ला इंक जुलाई में भारत में अपनी पहली शोरूम खोलने की योजना बना रही है. सूत्रों के अनुसार, एलन मस्क की यह प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी भारत में औपचारिक रूप से अपना कारोबार शुरू करेगी. यूरोप और चीन में बिक्री में कमी आने के बाद, टेस्ला अब भारत में अपने व्यवसाय का विस्तार करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, क्योंकि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बन चुका है.
इस दौरान, मस्क की अन्य कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) भी भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा ‘स्टारलिंक’ शुरू करने की तैयारी में है. यह भारत के डिजिटल परिदृश्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर उन दूरदराज और ग्रामीण इलाकों के लिए जहां अब तक उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं पहुंच पाई है हाल ही में स्टारलिंक को भारतीय बाजार में अपनी सेवाएं शुरू करने की मंजूरी मिल चुकी है. यह मस्क के भारत में बढ़ते निवेश और उनके डिजिटल भारत के प्रति दृष्टिकोण को दर्शाता है.
इन दोनों प्रमुख प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन के समय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि हाल ही में मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कुछ तनाव बढ़ा है. यह भारत में मस्क की बढ़ती दिलचस्पी और व्यावसायिक रणनीति को उजागर करता है, जिससे उन्हें अमेरिकी राजनीति के विपरीत एक ‘दूसरा’ अवसर मिल रहा है. क्रिकेट में ‘दूसरा’ एक जादुई गेंद होती है, जिसे ऑफ-स्पिन गेंदबाज बल्लेबाज को चौंकाने के लिए फेंकते हैं, और यह मस्क की रणनीति का प्रतीक बन चुकी है.
टेस्ला की पहली भारतीय कारें भी पहुंची भारत
इसी बीच, टेस्ला की पहली भारतीय कारें भी भारत पहुंच चुकी हैं. ये गाड़ियां टेस्ला के चीन स्थित कारखाने से भेजी गई हैं, और इनमें Model Y रियर-व्हील ड्राइव एसयूवी शामिल हैं. Model Y को दुनियाभर में सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार के रूप में जाना जाता है.
टेस्ला सबसे पहले मुंबई में अपनी शोरूम खोलने जा रही है, जो जुलाई के मध्य तक खुल सकता है. इसके बाद दिल्ली में दूसरा शोरूम खोला जाएगा. इसके अलावा, कंपनी ने अमेरिका, चीन और नीदरलैंड से सुपरचार्जर के पार्ट्स, कार एक्सेसरीज और अन्य सामान भी आयात किए हैं, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि टेस्ला भारतीय बाजार के लिए पूरी तरह से तैयार है.
कीमत लगभग 27.7 लाख रुपये बताई गई
दस्तावेजों के अनुसार, मुंबई में पांच Model Y गाड़ियां शंघाई से भेजी गई हैं, जिनकी कीमत लगभग 27.7 लाख रुपये बताई गई है. इन पर 21 लाख रुपये से अधिक का आयात शुल्क लगाया गया है, क्योंकि भारत में 40,000 डॉलर से कम कीमत वाली पूरी तरह से बनी इम्पोर्टेड कारों पर 70% का टैरिफ लागू होता है. इसके अतिरिक्त, अन्य शुल्क भी इन गाड़ियों पर लगाए गए हैं, जिससे टेस्ला को भारत में अपनी उपस्थिति स्थापित करने में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
इन सभी घटनाक्रमों से यह साफ है कि एलन मस्क और उनकी कंपनियां भारतीय बाजार में गहरी दिलचस्पी दिखा रही हैं, और आने वाले समय में यहां उनके कारोबार के लिए संभावनाएं और चुनौतियां दोनों होंगी.
सीनियर कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और प्रशासनिक गतिविधियों पर जमीनी रिपोर्टिंग।












