लेकिन सार्वजनिक मंचों पर दिखने वाली उनकी पहचान के पीछे एक ऐसा जीवन भी था, जिसमें शिक्षा, नौकरी, कारोबार, पत्रकारिता और सामाजिक गतिविधियों के कई पड़ाव शामिल थे।
गुमला में बीता बचपन, दुर्गापुर तक पहुंचीं
निशा भगत मूल रूप से गुमला की रहने वाली थीं। उनकी स्कूली पढ़ाई गुमला के उर्सलाइन कॉन्वेंट में हुई। इसके बाद उन्होंने कार्तिक उरांव कॉलेज में विज्ञान विषय की पढ़ाई की। एक मीडिया साक्षात्कार में उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए बताया था कि पढ़ाई में वह बहुत अच्छी नहीं थीं और कई बार परीक्षा में असफल भी हुई थीं।
आगे उन्होंने दुर्गापुर से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की। इसके बाद बेंगलुरु में आईटीसी के साथ काम किया। बाद में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर पत्रकारिता से भी जुड़ीं। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का उनका अनुभव उनके सार्वजनिक जीवन का हिस्सा बना।
पिता के संघर्ष ने समाज के लिए काम करने की प्रेरणा दी
निशा भगत के जीवन पर उनके पिता हंडू भगत का गहरा प्रभाव था। उनके पिता झारखंड आंदोलन से जुड़े रहे थे और इस दौरान परिवार को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। निशा ने अपने एक साक्षात्कार में बताया था कि पिता के संघर्ष और परिवार की मुश्किलों ने उन्हें समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाने की प्रेरणा दी।
उन्होंने निर्माण कार्य के क्षेत्र में भी काम किया। उनके मुताबिक, उन्होंने पुल, पीसीसी सड़क और स्कूल भवन जैसे काम कराए। ऐसे इलाकों में भी निर्माण कार्य कराया, जहां माओवादी गतिविधियों के कारण ठेकेदार काम करने से हिचकते थे।
आदिवासी पहचान और संस्कृति के मुद्दों पर सक्रिय रहीं
निशा भगत आदिवासी पहचान, सरना धर्म कोड, धर्मांतरण और जल-जंगल-जमीन जैसे मुद्दों पर मुखर रहती थीं। कुड़ुख भाषा और आदिवासी परंपराओं से उनका जुड़ाव भी उनके विचारों में दिखाई देता था। वह मातृभाषा और संस्कृति को बचाए रखने की बात करती थीं।
साल 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में उन्होंने गुमला सीट से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। इससे पहले और बाद में वह विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं।
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कोरोना महामारी के दौरान भी निशा भगत सामाजिक काम को लेकर चर्चा में आई थीं। उन्होंने रांची में कोविड से प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने की पहल की थी।
निजी जीवन को लेकर भी खुलकर की थी बात
एक मीडिया साक्षात्कार में निशा भगत ने अपने परिवार और निजी जीवन के बारे में भी बताया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने शादी नहीं की है। जिस बच्ची को कई लोग उनकी बेटी समझते हैं, वह उनके बड़े भाई की बेटी है। परिवार की जिम्मेदारियां उनके जीवन का अहम हिस्सा रही थीं।
सार्वजनिक मंचों पर उनका अंदाज बेबाक और कई बार आक्रामक नजर आता था, लेकिन उन्होंने अपने साक्षात्कार में खुद को भावुक स्वभाव का इंसान बताया था।
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फिलहाल निशा भगत की मौत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना से पहले उनके सोशल मीडिया लाइव और लगाए गए आरोपों को लेकर भी चर्चा है। हालांकि, उन आरोपों की सच्चाई और घटना के कारणों को लेकर अभी जांच पूरी नहीं हुई है। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

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