KhabarMantra: बीआईटी सिंदरी के औद्योगिक अभियंत्रण विभाग द्वारा “स्मार्ट एंड सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग: इंडस्ट्री एंड बियोंड” विषय पर आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सोमवार को शुभारंभ हुआ। यह संगोष्ठी हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन) में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से आए शोधकर्ता, शिक्षाविद और उद्योग विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में हर्ल सिंदरी के संयंत्र प्रमुख गौतम माजी, विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश कुमार, डीन अकादमिक डॉ. डी. के. तांती, टीपीओ डॉ. धनश्याम, प्रशासनिक अधिकारी प्रो. बी. डी. यादव, जनरल वार्डन प्रो. आर. के. वर्मा और डॉ. जे. एन. महतो ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर हर्ल सिंदरी यूनिट हेड गौतम माजी ने स्मार्ट और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से औद्योगिक क्षेत्र और शैक्षणिक संस्थानों के बीच की दूरी घटती है और नवाचार को बढ़ावा मिलता है।
झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा तकनीकी निदेशक सुनील कुमार ने बतौर विशिष्ट अतिथि संबोधित करते हुए कार्बन फुटप्रिंट को कम करने, स्वचालित प्रणालियों को अपनाने और हरित औद्योगिक विकास की दिशा में संगोष्ठी की भूमिका की सराहना की।
कार्यक्रम में झारखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह, बिट्सा इंटरनेशनल के अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार और बीआईटी सिंदरी के निदेशक डॉ. पंकज राय ने भी अपने विचार रखे और विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
विभागाध्यक्ष प्रो. प्रकाश कुमार ने साइबर-फिजिकल सिस्टम और ऑटोनोमस प्रोडक्शन पर विद्यार्थियों के कौशल विकास को जरूरी बताया।
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रो. सोमनाथ चट्टोपाध्याय ने इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाम इंटरनल कंबशन इंजन तकनीक पर विस्तृत व्याख्यान दिया, वहीं डॉ. सुमंतो मुखर्जी ने कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।













