Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के ऑड्रे हाउस में नाट्य संस्था मैट्रिक्स (A Step for Humanity) और झारखंड सरकार के सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नाट्य कार्यशाला के तहत नाटक ‘श्रृगाल’ का सफल मंचन हुआ।
नाटक को अंकिता करकेट्टा ने लिखा, जबकि इसकी परिकल्पना और निर्देशन अभिराज कुमार ने किया। यह नाटक दर्शकों के लिए एक अद्वितीय अनुभव लेकर आया — जिसमें न सिर्फ 1947 के भारत की पृष्ठभूमि में गूथी गई हॉरर कहानी थी, बल्कि पहली बार रांची रंगमंच पर लाइव बारिश और दूसरी मंजिल का सेट भी प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कहानी में क्या था खास?
‘श्रृगाल’ की कहानी एक छोटे से गाँव से शुरू होती है, जहां मुख्य पात्र विनायक (शिवांग चौबे) अपने परिवार के साथ रहता है। उसके दादा उसे अमीर बनने का सपना दिखाते हैं और गांव में स्थित एक “सोने की देव” की रहस्यमयी कथा सुनाते हैं — जो अगर प्रसन्न हो जाए, तो सुख-समृद्धि देती है, लेकिन वह अत्यंत खतरनाक भी है।
नाटक में कई ट्विस्ट और टर्न हैं जो दर्शकों को अंत तक बाँधे रखते हैं। अंत में कहानी एक थ्रिलर मोड़ पर पहुँचती है, जहां विनायक को अपनी जान गंवानी पड़ती है।
कलाकारों की उम्दा प्रस्तुति
नाटक में शिवांग चौबे, श्रमिष्ठा शर्मा, वर्षा कुमारी, ऋतू रागिनी, सुमंत सिंह, अनमोल, सोनिया, ग्रीश दत्त, सुजल पासवान, सोनू, दीपक चौधरी, संजय शर्मा, वंदना, रिया, पूजा कुमारी, स्वाति और अन्य कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों की भरपूर तालियां बटोरीं। और बैकस्टेज में अमरजीत शर्मा और अंकुश ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।













