रांची में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Alamgir Alam को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब पीएमएलए की विशेष अदालत ने उनकी जमानत को लेकर सख्त शर्तें तय कर दी हैं। अदालत के आदेश के बाद अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर किन नियमों का पालन करने के बाद आलमगीर आलम जेल से बाहर आ पाएंगे।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद रांची स्थित पीएमएलए की विशेष कोर्ट ने जमानत की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि Alamgir Alam को रिहाई के लिए एक-एक लाख रुपये के दो निजी मुचलके जमा करने होंगे। इसके साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट भी कोर्ट में जमा करना होगा।
इतना ही नहीं, अदालत ने बेलर को लेकर भी विशेष शर्त रखी है। कोर्ट के निर्देश के अनुसार, एक बेलर आलमगीर आलम का करीबी रिश्तेदार होना चाहिए, जबकि दूसरा स्थानीय व्यक्ति होना अनिवार्य होगा।
पीएमएलए कोर्ट ने जमानत अवधि के दौरान आलमगीर आलम को इस मामले से जुड़े गवाहों से दूरी बनाए रखने का भी सख्त निर्देश दिया है। अदालत ने साफ कहा है कि किसी भी तरह से गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
बता दें कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई करते हुए आलमगीर आलम को जमानत दे दी थी। साथ ही शीर्ष अदालत ने ट्रायल कोर्ट को जमानत की शर्तें तय करने का निर्देश दिया था। उसी आदेश के आलोक में रांची की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने ये शर्तें निर्धारित की हैं।









