Shubhanshu Shukla Axiom mission: भारत ने 25 जून 2025 को एक नई ऊंचाई छू ली, जब एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से अंतरिक्ष के सफर की शुरुआत की. शुभांशु, जो चार सदस्यीय दल का हिस्सा हैं, एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना हुए.
25 जून को हुआ सफलतापूर्वक लॉन्च
यह मिशन खास है क्योंकि इसे पहले कई बार टाला जा चुका था, लेकिन आखिरकार 25 जून को यह सफलतापूर्वक लॉन्च हुआ. शुभांशु और उनके दल ने फॉल्कन-9 रॉकेट के जरिए ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर आईएसएस के लिए उड़ान भरी. इस मिशन में अमेरिका, जापान और इज़राइल के अन्य अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं.
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शुभांशु शुक्ला के इस ऐतिहासिक सफर से पहले, भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने 3 अप्रैल 1984 को सोवियत संघ की मदद से अंतरिक्ष यात्रा की थी. अब, शुभांशु के साथ भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है.
एक साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद चुना गया
लखनऊ के रहने वाले शुभांशु शुक्ला को इस मिशन के लिए एक साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद चुना गया था. एयरफोर्स में ग्रुप कैप्टन के पद पर कार्यरत शुभांशु ने अपनी शारीरिक और मानसिक तैयारी के साथ अंतरिक्ष यात्रा के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार किया था. उनकी यह सफलता न केवल भारतीय अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में एक और सुनहरा पन्ना जोड़ती है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को भी प्रेरित करती है कि वे अपने सपनों को हासिल करने के लिए कठिन मेहनत करें.













