KhabarMantra: खनन व कोयले की परिवहन के लिए चर्चित है महुदा थाना क्षेत्र। कई जगहों पर व्यापक रूप से अवैध खनन कार्य कराया जा रहा है। कहीं रैयती तो कहीं बीसीसीएल के लीज होल्ड एरिया तो कहीं सरकारी भूमि पर अवैध खनन किया जा रहा है। उन्हीं अवैध खनन स्थलों में से एक सीमाटांड़ का जंगल। जहां नागरिकों के द्वारा विरोध किये जाने पर बीसीसीएल प्रबन्धन हरकत में आई। मंगलवार को प्रबन्धकीय टीम सीआईएसएफ के साथ वहां पहुंची।
Read More: Big Breaking: 4 जून को होगी झारखंड मंत्रिपरिषद की अहम बैठक
वहां पड़े भारी मात्रा में कोयला जप्त किया। कोयले से भरा हजारों बोरा को जेसीबी के माध्यम से हाईवा में लोड कर उसे मुनीडीह ले जाया गया। हालांकि छापामारी दल के आने की भनक मिल जाने के चलते धंधेबाज और उसके गुर्गे जा चुके थे। सीआईएसएफ सब-इंसपेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि सूचना मिला था कि सीमाटांड़ के जंगल में तस्करों द्वारा अवैध उत्खनन से कोयला निकालकर बाहर भेजा जा रहा है। उसी के आधार पर व बीसीसीएल अधिकारी के निर्देश पर छापाकारी किया गया। इस दौरान उत्खनन स्थलों का भराई कर दिया गया। इस दौरान बीसीसीएल के अधिकारी अलटु अंसारी व महुदा पुलिस की टीम भी मौजुद थी। मालूम हो कि महुदा थाना क्षेत्र के सीमाटांड़, जमडीहा व अंधारी बस्ती के पास कोल तस्करों के अलग अलग सिंडिकेट द्वारा अवैध उत्खनन कर कोयला निकाला जा रहा है। प्रतिदिन दर्जनों हाइवा से कोयला अन्य जिलों में भेजा जा रहा है। पुलिस प्रशासन अंजान बनी हुई है, जैसे राष्ट्रीय संपत्ति से उसको कोई लेना देना नही है।












