झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में सम्मिलित होने के लिए अभ्यर्थियों को एक बड़ी राहत मिलने जा रही है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा प्रस्तावित नियमावली, 2025 में एक महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़ा गया है, जिसके तहत अधिकतम आयु सीमा में एक बारगी आठ वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी.
इस नियमावली के अनुसार, अब सभी अभ्यर्थियों को पिछली परीक्षा और वर्तमान परीक्षा के बीच के अंतराल के आधार पर आठ वर्ष की छूट मिलेगी. इसका मतलब यह है कि अगर पिछली JTET परीक्षा 2016 में हुई थी और अगली परीक्षा 2025 में आयोजित की जाएगी, तो इस आठ वर्ष की छूट का लाभ सभी अभ्यर्थियों को मिलेगा. हालांकि, यह छूट एक बार ही दी जाएगी.
पारा शिक्षकों के लिए भी बड़ी राहत
नए नियमों के तहत पारा शिक्षकों के लिए भी विशेष छूट का प्रावधान किया गया है. पारा शिक्षकों को उनकी अनुबंध अवधि के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी. हालांकि, उनकी अधिकतम आयु सीमा 58 वर्ष से अधिक नहीं होगी, यानी 58 वर्ष तक के पारा शिक्षक भी इस परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे.
नियमावली पर सुझाव आमंत्रित
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस प्रस्तावित नियमावली पर सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों से सात दिनों के भीतर सुझाव मांगें हैं. इन सुझावों की समीक्षा के बाद नियमावली को अंतिम रूप दिया जाएगा और फिर इसे विधि एवं कार्मिक विभाग से स्वीकृति लेकर कैबिनेट में भेजा जाएगा.
जेटेट परीक्षा में स्थगन और पुनः विज्ञापन
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) के आयोजन को लेकर पहले कुछ विवाद थे, जिसकी वजह से परीक्षा का आयोजन स्थगित हो गया था. नियमावली में सुधार के बाद, अब नए सिरे से विज्ञापन जारी किया जाएगा और अभ्यर्थियों से आवेदन मंगाए जाएंगे.
आजीवन वैधता का प्रावधान
इस बार एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है – झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को मिलने वाले प्रमाणपत्र की वैधता आजीवन होगी. इसके अलावा, वर्ष 2013 और 2016 की JTET परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की वैधता भी आजीवन रहेगी, जैसा कि प्रस्तावित नियमावली में उल्लेख किया गया है.












