Jharkhand: भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “घोर आदिवासी विरोधी सरकार” बताया। उन्होंने कहा कि झारखंड में बीते छह सालों से चल रही हेमंत सरकार के कार्यकाल में एक के बाद एक ऐसे कारनामे सामने आए हैं, जिनसे साफ होता है कि यह सरकार न आदिवासियों की हितैषी है, न ही राज्य के मूलवासियों की।
आरती कुजूर ने प्रेसवार्ता में कहा कि 25 अक्टूबर को चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित 5 आदिवासी बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने की घटना हेमंत सरकार की संवेदनहीनता का चरम उदाहरण है। यह इलाज के नाम पर ‘मौत परोसने’ जैसा अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुछ लोगों को निलंबित कर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि स्वास्थ्य मंत्री विपक्ष पर राजनीति कर रहे हैं और मुख्यमंत्री मौन साधे बैठे हैं।
भाजपा ने इस मामले को “राज्य प्रायोजित हत्या का प्रयास” बताया है। पार्टी ने घोषणा की है कि 3 नवंबर को पूरे झारखंड के जिला अस्पतालों में सिविल सर्जन कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा। भाजपा स्वास्थ्य मंत्री की बर्खास्तगी और दोषियों को सख्त सजा की मांग करेगी।
आरती कुजूर ने कहा कि आदिवासी समाज के खिलाफ इस सरकार का रवैया लगातार सामने आ रहा है —
* सूर्या हांसदा की फर्जी मुठभेड़ में हत्या
* रुबिका पहाड़िया, रूपा तिर्की, संध्या टोपनो जैसी आदिवासी बेटियों के साथ हुई घटनाएं
* नगड़ी और संथाल परगना में जमीन लूट
* पेंशन, छात्रवृत्ति और राशन योजनाओं में भ्रष्टाचार
उन्होंने कहा कि पेसा कानून लागू न करना, आदिवासी युवाओं को रोजगार से वंचित रखना और भोगनाडीह में सिदो-कान्हो के वंशजों पर लाठीचार्ज जैसे कदम इस सरकार की मानसिकता को उजागर करते हैं।
आरती कुजूर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि हेमंत सरकार केवल वोट बैंक की राजनीति में उलझी हुई है।
प्रेस वार्ता में भाजपा प्रवक्ता अजय साह और मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक भी मौजूद रहे।












