Ranchi: कांग्रेस नेत्री और राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने आज भाजपा के महिला हितैषी चेहरे को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। राँची के कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंबा प्रसाद ने भाजपा पर संविधान के अपमान और देश की महिलाओं को चुनावी लाभ के लिए ठगने का सनसनीखेज खुलासा किया।
इस दौरान उनके साथ महिला कांग्रेस की सचिव गुंजन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रमा खलखो और मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की जैसी दिग्गज नेत्रियां भी मौजूद रहीं।
इतिहास मोदी जी को झूठ फैलाने वाले PM के रूप में याद रखेगा
अंबा प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री की गरिमापूर्ण कुर्सी का इस्तेमाल पांच राज्यों के चुनावों में वोट बटोरने के लिए ‘असत्य’ फैलाने में किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पारित हो चुका था और संविधान में अनुच्छेद 330A, 332A और 334A जोड़े जा चुके थे, तो दोबारा बिल पेश करने का ‘प्रपंच’ क्यों रचा गया? क्या देश में कोई ‘नेशनल क्राइसिस’ था?
संविधान की धाराओं के साथ भाजपा के झूठ का पर्दाफाश
अंबा प्रसाद ने मीडिया और जनता से अपील की कि वे अपने मोबाइल पर संविधान की डिजिटल प्रति खोलकर सच देखें। उन्होंने तथ्यों के साथ स्पष्ट किया:
-
अनुच्छेद 330A और 332A: ये प्रमाणित करते हैं कि लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण पहले ही दर्ज हो चुका है।
-
अनुच्छेद 334A की कड़वी सच्चाई: अंबा ने बताया कि भाजपा जिस आरक्षण का ढिंढोरा पीट रही है, वह वास्तव में ‘जनगणना’ और ‘परिसीमन’ की शर्तों में फंसा हुआ है। यानी यह आरक्षण निकट भविष्य में लागू ही नहीं होने वाला।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा-कांग्रेस प्रमाण के साथ बात कर रही है, जबकि भाजपा सिर्फ अपने ‘भोंपू’ (लाउडस्पीकर) के जरिए दुष्प्रचार कर रही है।
रोचक तंज: “लिपस्टिक के डिब्बे में निकली नेलपॉलिश”
अंबा प्रसाद ने भाजपा की कार्यशैली पर एक अनोखा उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा महिलाओं को ‘लिपस्टिक’ देने का वादा कर रही थी, लेकिन डिब्बे के अंदर ‘नेलपॉलिश’ छिपा कर रखी थी। उन्होंने कहा-हमने उस नेलपॉलिश को निकालकर भाजपा के ही होंठों पर लगा दिया है ताकि अब उनके झूठ बोलने वाले होंठ चिपक जाएं और वे चुप हो जाएं।
कांग्रेस का संविधान जागृति अभियान
अंबा प्रसाद ने साफ़ किया कि भाजपा द्वारा लाया गया ‘नया बिल’ वास्तव में महिला आरक्षण के लिए था ही नहीं, बल्कि असंवैधानिक परिसीमन की आड़ में एक नया भ्रम पैदा करने की कोशिश थी। चूंकि वह बिल केवल एक चुनावी छलावा था, इसीलिए वह गिर गया। अब कांग्रेस ‘संविधान जागृति अभियान’ के माध्यम से गांव-गांव जाकर महिलाओं को भाजपा के इस भ्रमजाल से आजाद कराएगी।







