Lunar Eclipse 2025: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि, रविवार, 7 सितंबर 2025 को भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में पूर्ण चंद्र ग्रहण (खग्रास) लगने जा रहा है। यह खगोलीय घटना सम्पूर्ण भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। भारतीय समयानुसार ग्रहण का आरंभ रात 9:57 बजे, मध्य 11:41 बजे और समाप्ति (मोक्ष) 8 सितंबर की भोर 1:41 बजे होगी।
कैसा होगा यह चंद्र ग्रहण?
खगोलविदों के अनुसार, यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा जिसमें चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाएगा। इस दौरान चंद्रमा का रंग हल्का लालिमा युक्त दिखाई देगा, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है।
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सूतक काल और धार्मिक नियम
हिंदू धर्म में ग्रहण को अत्यंत धार्मिक महत्व दिया जाता है। चंद्र ग्रहण के 9 घंटे पूर्व से सूतक काल आरंभ हो जाता है। इस आधार पर, 7 सितंबर को दोपहर 1:00 बजे से सूतक लग जाएगा।
सूतक काल में क्या न करें:
- पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श वर्जित
- भोजन पकाना या खाना वर्जित
- मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं
- धार्मिक अनुष्ठान नहीं किए जाते
हालांकि गर्भवती महिलाओं, वृद्धों और बीमारों को सूतक में कुछ छूट दी जाती है।
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धार्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण का महत्व
मान्यता के अनुसार, “ग्रहण काल में जप, ध्यान, और भगवान का स्मरण विशेष पुण्यदायी माना गया है। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान कर दान-पुण्य करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।”
ग्रहण के बाद घरों और मंदिरों में गंगाजल, तुलसीदल और कुश से शुद्धिकरण किया जाता है।
ग्रहण की समय सारणी (IST अनुसार):
घटना |
समय |
| प्रारंभ (Sparsh) | रात 9:57 बजे |
| मध्य (Madhya) | रात 11:41 बजे |
| समाप्ति (Moksha) | भोर 1:41 बजे (8 सितंबर) |












