Ranchi News: रांची समाहरणालय में आयोजित जनता दरबार एक बार फिर आम लोगों की उम्मीदों का केंद्र बना। इस बार तुपूदाना के रहने वाले विकलांग युवक छोटू महली ने पेंशन की मंजूरी मिलने के बाद अपनी खुशी को अनोखे अंदाज में जाहिर किया। समाहरणालय पहुंचकर उन्होंने उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री को फूलों का गुच्छा और सजावट के लिए पौधे भेंट किए।
छोटू महली लंबे समय से विकलांग पेंशन की मांग कर रहे थे, लेकिन बार-बार प्रयासों के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने उपायुक्त के जनता दरबार में गुहार लगाई। नतीजा सकारात्मक निकला— न केवल उनका पेंशन स्वीकृत हुआ, बल्कि खाते में दो महीने की राशि भी पहुंची। छोटू ने इस मौके पर आवास की मांग भी रखी, जिस पर उपायुक्त ने उन्हें सरकारी योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया।
कांके जमीन विवाद: दो रसीद एक जमीन की!
जनता दरबार में कांके अंचल के कामता मौजा की एक विवादित भूमि का मामला सामने आया, जहां एक ही खाता और प्लॉट नंबर की दो अलग-अलग रसीदें जारी कर दी गईं। फरियादी के अनुसार, उनके नाम से पहले से निबंधन है और ऑनलाइन रसीद भी निर्गत की गई थी, लेकिन बाद में भू-माफिया की मिलीभगत से छेड़छाड़ कर किसी और के नाम रसीद जारी कर दी गई। उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए।
भू-माफिया पर शिकंजा: गैरमजरुआ जमीन की होगी मापी
रेण्डो मौजा में गैरमजरुआ जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर उपायुक्त ने जिलास्तरीय टीम गठित कर मापी कराने का निर्देश दिया। टीम में अमीन, संबंधित अंचलाधिकारी, सीआई और कर्मचारी शामिल होंगे। साथ ही उपायुक्त ने सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों में बीएनएस की धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई करने को कहा, जिसमें 3 से 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
म्यूटेशन और शिक्षा व्यवस्था पर भी सुनवाई
कांके के शाहिद आलम ने म्यूटेशन लंबित रहने की शिकायत की, जिस पर उपायुक्त ने ऑन-द-स्पॉट आवेदन की स्थिति जांचवाई और संबंधित सीओ को शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए। वहीं चान्हो प्रखंड के सपारोम गांव से आए ग्रामीणों ने विद्यालय दूर होने की समस्या उठाई। उपायुक्त ने मामले में तत्काल समाधान की दिशा में कार्यवाही का आदेश दिया।
ग्रामीण फरियादियों को मिली प्राथमिकता
जनता दरबार में दूरदराज के ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों की शिकायतों को प्राथमिकता दी गई। उपायुक्त ने पेंशन, प्रमाण-पत्र, भूमि विवाद, अवैध बिक्री, और अन्य प्रशासनिक मामलों में सुनवाई करते हुए सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। साथ ही महिलाओं और बुजुर्गों से जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ की स्थिति भी पूछी गई।












