नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सोमवार को आयोजित ‘चलो संसद‘ मार्च को लेकर राजधानी दिल्ली पूरी तरह सुरक्षा घेरे में रही। जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग और धारा 163 लागू होने के बीच सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्होंने प्रदर्शन से जुड़ी बहस को और तेज कर दिया है।
इन वायरल वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा उस क्लिप की हो रही है, जिसमें प्रदर्शनकारी RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) के जवानों से उनकी वर्दी पर नेम प्लेट और पहचान चिह्न नहीं होने को लेकर सवाल पूछते दिखाई दे रहे हैं।
प्रदर्शनकारी वीडियो में कहते सुनाई देते हैं कि यदि वर्दी पर किसी प्रकार की पहचान नहीं है तो आम लोग यह कैसे सुनिश्चित करें कि सामने मौजूद जवान वास्तव में पुलिस या अधिकृत सुरक्षा बल के ही सदस्य हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है और इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
‘आधी रात को पत्थरों से भरी गाड़ियां‘ का दावा भी वायरल
सोशल मीडिया पर कुछ अन्य वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि देर रात कुछ वाहनों में बड़ी मात्रा में पत्थर लाए गए। इन वीडियो को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर इन कथित पत्थरों को वहां क्यों लाया गया।
फिलहाल इन दावों की भी किसी सरकारी एजेंसी या स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए वायरल दावों को तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर, 5000 जवान तैनात
‘चलो संसद’ मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
- जंतर-मंतर क्षेत्र में करीब 5000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए।
- धरना स्थल के आसपास धारा 163 लागू की गई।
- दोनों प्रवेश द्वारों पर मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की गई।
- हर व्यक्ति की स्कैनर और फ्रिस्किंग के बाद ही एंट्री दी जा रही है।
- दंगा नियंत्रण वाहन, एम्बुलेंस और आंसू गैस की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं।
- डीसीपी और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
जंतर-मंतर पर लगाए गए जैमर
प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में सिग्नल जैमर लगाए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि इंटरनेट सेवाओं को सीमित करने के उद्देश्य से इनका इस्तेमाल किया गया ताकि अफवाहों और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके।
दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज की खबरों को बताया गलत
सोशल मीडिया पर लाठीचार्ज के दावे सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इन खबरों का खंडन किया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है और किसी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया है। साथ ही लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की गई।
बैरिकेडिंग तोड़ने और वाहनों को नुकसान पहुंचाने का दावा
प्रशासन के अनुसार जंतर-मंतर से संसद मार्ग थाना क्षेत्र तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंच गए। इस दौरान कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग गिराने और दो वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। मौके पर हजारों लोगों की मौजूदगी का अनुमान लगाया गया।
जेपी नड्डा से मिलने निकले CJP प्रतिनिधि
CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि उन्हें बातचीत के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की ओर से बुलाया गया है। सौरभ दास और आशुतोष रांका बातचीत के लिए रवाना हुए। बाद में सौरभ दास ने कहा कि अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत जारी है।
समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील
CJP ने अपने समर्थकों से अपील की कि यदि कहीं रोका भी जाए तो किसी प्रकार का टकराव न करें और पूरे आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखें।
नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर लंबा जाम
सुरक्षा जांच के चलते DND फ्लाईवे और नोएडा-दिल्ली मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। दिल्ली आने-जाने वाले हजारों वाहन कई किलोमीटर तक फंसे रहे।
सोनम वांगचुक की पत्नी फिर पहुंचीं हाईकोर्ट
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर वांगचुक को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग की और मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध किया।
क्या है सबसे बड़ा सवाल?
‘चलो संसद’ मार्च अब केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं रह गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो, सुरक्षाबलों की पहचान को लेकर उठे सवाल, कथित पत्थरों वाली गाड़ियों के दावे और दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था—इन सबने इस आंदोलन को नई बहस के केंद्र में ला दिया है। हालांकि वायरल वीडियो और दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, इसलिए इनसे जुड़े किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी होगा।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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