झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है। पुलिस के मुताबिक, साल 2026 में जनवरी से अगस्त तक राज्य में कुल 113 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए नक्सलियों में 49 माओवादी, 30 पीएलएफआई, 23 टीएसपीएस और 10 जेजेएमपी व एसजेएमएम से जुड़े सदस्य शामिल हैं। इसके बावजूद कई बड़े नक्सली अब भी सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से बाहर हैं। इनमें एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश भी शामिल है।
पुलिस के मुताबिक, असीम मंडल दलमा और उसके आसपास के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक सुरक्षा बलों को उसके ठिकाने और मौजूदा मूवमेंट के संबंध में कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
छह वांछित नक्सलियों के पोस्टर जारी
असीम मंडल के दस्ते पर दबाव बढ़ाने के लिए पुलिस ने उसकी टीम में बचे वांछित नक्सलियों के नए पोस्टर जारी किए हैं। इन पोस्टरों में असीम मंडल समेत छह नक्सलियों की तस्वीर, नाम और उनके सिर पर घोषित इनाम की राशि की जानकारी दी गई है। पुलिस इन पोस्टरों को गांव-गांव तक पहुंचा रही है, ताकि ग्रामीणों के जरिए नक्सलियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा सके।
पोस्टर एमजीएम, पटमदा, बोड़ाम और घाटशिला समेत सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों, चौक-चौराहों और अन्य प्रमुख स्थानों पर लगाए जा रहे हैं। पुलिस ग्रामीणों से अपील कर रही है कि यदि इन वांछित नक्सलियों की गतिविधि या इलाके में मौजूदगी की कोई जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
किस नक्सली पर कितना इनाम?
पुलिस की वांछित सूची में शामिल छह नक्सलियों में सबसे अधिक एक करोड़ रुपये का इनाम असीम मंडल उर्फ आकाश पर घोषित है। उसके अलावा राम प्रसाद उर्फ सचिन पर 15 लाख रुपये, उसकी पत्नी मीता पर 10 लाख रुपये, मंगल सिंह सरदार पर 5 लाख रुपये, मालती मुर्मू पर 2 लाख रुपये और बुलू महतो पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
पुलिस का कहना है कि इन नक्सलियों के बारे में जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। साथ ही, सूचना के आधार पर घोषित इनाम की राशि भी दिए जाने की बात कही जा रही है।
कोबरा के साथ सर्च ऑपरेशन जारी
असीम मंडल और उसके दस्ते की तलाश में दलमा तथा आसपास के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस और कोबरा बटालियन की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। जंगल और दुर्गम इलाकों में संभावित ठिकानों को चिह्नित कर अभियान चलाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि मदन महतो की गिरफ्तारी के बाद से असीम मंडल और उसके दस्ते के मूवमेंट की कोई पुख्ता सूचना पुलिस को नहीं मिली है। पुलिस का अनुमान है कि असीम मंडल अपने पांच साथियों के साथ दलमा और उससे सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में कहीं सक्रिय हो सकता है।
राज्य में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान लगातार हो रही गिरफ्तारियों और आत्मसमर्पण के बीच पुलिस की नजर अब उन बड़े इनामी नक्सलियों पर है, जो अभी तक सुरक्षा बलों की पकड़ से बाहर हैं। असीम मंडल की गिरफ्तारी को पुलिस इस अभियान में एक बड़ी सफलता के तौर पर देख रही है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis









