Dhanbad: श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। उपायुक्त आदित्य रंजन ने गुरुवार को समाहरणालय सभागार में श्रम, नियोजन एवं कौशल विकास विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने श्रम कानूनों के पालन और योजनाओं की प्रगति को लेकर कई सख्त निर्देश जारी किए।
मुख्य बिंदु
- निजी स्कूलों और अस्पतालों में न्यूनतम मजदूरी व पीएफ की अनिवार्य जांच होगी।
- 10 से अधिक कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों का रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा।
- शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, ढाबों और होटलों में औचक निरीक्षण कर श्रम नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- बाल मजदूरी पर कड़ी कार्रवाई होगी, औचक छापेमारी की जाएगी।
श्रमिक योजनाओं की समीक्षा
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि श्रमिकों और उनके परिवारों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाए। इसमें
- मेधावी पुत्र-पुत्री छात्रवृत्ति,
- मातृत्व प्रसूति सहायता,
- अंत्येष्टि सहायता,
- झारखंड निर्माण कर्मकार मृत्यु/दुर्घटना सहायता
जैसी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
उन्होंने सभी प्रखंडों में श्रमिकों का आधार सत्यापन केंद्र खोलने का भी निर्देश दिया।
युवाओं के लिए कौशल विकास
उपायुक्त ने रोजगार मेला, स्किल ट्रेनिंग और कैरियर काउंसलिंग को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गांव-गांव जाकर युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण से जोड़ें और प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार उपलब्ध कराएं।
बैठक में श्रम अधीक्षक प्रवीण कुमार, जिला नियोजन पदाधिकारी पद्मा कुमारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।












