ऑफिस में काम का प्रेशर हो या घर की कोई परेशानी, आजकल बहुत से लोग तनाव से बचने के लिए सिगरेट (Cigarette) का सहारा लेते हैं। अक्सर स्मोक करने वाले लोगों का मानना होता है कि Cigarette पीने से उनका स्ट्रेस कम होता है और उन्हें शांति मिलती है।
लेकिन क्या सचमुच Cigarette से तनाव कम होता है या यह सिर्फ आपके दिमाग का एक भ्रम (Illusion) है? आइए जानते हैं कि इस पर मेडिकल साइंस क्या कहता है।
निकोटीन का दिमाग पर असर (How Nicotine Affects the Brain)
तंबाकू में पाया जाने वाला निकोटीन (Nicotine) एक बेहद नशीला और खतरनाक केमिकल है। जब आप सिगरेट(Cigarette) का कश खींचते हैं, तो यह केमिकल कुछ ही सेकेंड्स में फेफड़ों से होते हुए आपके दिमाग तक पहुंच जाता है।
दिमाग में पहुंचते ही निकोटीन डोपामाइन (Dopamine) नाम के न्यूरोट्रांसमीटर को रिलीज करता है। डोपामाइन को ‘फील-गुड’ या प्लेजर हार्मोन भी कहा जाता है, जो कुछ पल के लिए खुशी और आराम का अहसास कराता है। यही कारण है कि Cigarette पीते ही अचानक से स्ट्रेस कम होने का भ्रम होता है।
क्या सच में स्ट्रेस कम होता है या यह सिर्फ विड्रॉल सिम्टम्स हैं?
डॉक्टर्स के मुताबिक, सिगरेट (Cigarette) से मिलने वाली यह राहत बहुत ही कम समय के लिए होती है। जैसे ही शरीर में निकोटीन का स्तर कम होने लगता है, वैसे ही इसके उल्टे असर (Side Effects) दिखने लगते हैं।
निकोटीन का लेवल गिरते ही व्यक्ति को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ता है:
- चिड़चिड़ापन और बेचैनी
- एंग्जायटी (घबराहट)
- किसी काम में फोकस न कर पाना
अहम बात: असल में, जब कोई स्मोकर दोबारा सिगरेट पीता है, तो वह अपनी असल जिंदगी की चिंताओं (जैसे ऑफिस या घर का स्ट्रेस) से राहत नहीं पा रहा होता। वह केवल निकोटीन का स्तर कम होने से पैदा हुई बेचैनी को शांत कर रहा होता है। लोग इसी बेचैनी के खत्म होने को “तनाव से राहत” समझने की भूल कर बैठते हैं।
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स्मोकिंग और मानसिक स्वास्थ्य: क्या कहती है रिसर्च?
कई साइंटिफिक रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि:
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ज्यादा स्ट्रेस: धूम्रपान न करने वाले लोगों की तुलना में स्मोक करने वालों में एंग्जायटी और तनाव का सामान्य स्तर हमेशा ज्यादा होता है।
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मूड में सुधार: जो लोग सिगरेट पीना पूरी तरह छोड़ देते हैं, उनके मूड और मानसिक स्वास्थ्य में लंबे समय के लिए बड़ा सुधार देखा गया है।
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चिंता से मुक्ति: स्मोकिंग छोड़ने से न सिर्फ फेफड़े स्वस्थ होते हैं, बल्कि मानसिक चिंताएं भी कम होती हैं।
निकोटीन पर निर्भरता: एक खतरनाक चक्रव्यूह (The Nicotine Dependency Cycle)
सिगरेट(Cigarette) आपके जीवन में तनाव पैदा करने वाले असली कारणों जैसे- काम का दबाव, रिलेशनशिप इश्यूज को कभी हल नहीं करती। असल में, निकोटीन समय के साथ दिमाग में एक ऐसा एडिक्शन साइकिल (निर्भरता) बना देता है, जहां दिमाग को नॉर्मल महसूस करने के लिए भी Cigarette की जरूरत पड़ने लगती है।
यह निर्भरता समय के साथ आपके स्ट्रेस को मैनेज करना और ज्यादा कठिन बना देती है। इसलिए अगली बार जब आप तनाव में Cigarette उठाएं, तो याद रखें कि यह आपके तनाव को कम नहीं कर रही, बल्कि आपको एक नई बीमारी की ओर धकेल रही है।
सच्चाई यही है कि Cigarette से स्ट्रेस कम होना पूरी तरह से दिमाग का भ्रम और निकोटीन की लत का नतीजा है। तनाव से निपटने के लिए स्मोकिंग के बजाय योग, मेडिटेशन, गहरी सांस लेना (Deep Breathing) या किसी थेरेपिस्ट से बात करना एक सही और सेहतमंद विकल्प है।
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