Ranchi : भारत में हर वर्ष एफआईपीआरईएससीआई – इंडिया (FIPRESCI India) द्वारा आयोजित होने वाली राष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षा प्रतियोगिता में सीयूजे के जनसंचार विभाग के डॉ सुदर्शन यादव को मिला सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट अवार्ड।
एफआईपीआरईएससीआई-इंडिया, प्रतिष्ठित इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फिल्म क्रिटिक्स जो कि जर्मनी के म्यूनिख में स्थित संस्था है, उसका भारतीय अंग है। सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षा के क्षेत्र में हर वर्ष एफआईपीआरईएससीआई, ख्यातिप्राप्त फिल्म निर्देशक, समीक्षक एवं इतिहासकार, चिदानंद दासगुप्ता की याद में यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता करवाता है। इस वर्ष 2025 में इस प्रतियोगिता के छठे संस्करण में डॉ सुदर्शन को यह सम्मान मिला है। डॉ सुदर्शन यादव, अभी सीयूजे के जनसंचार विभाग में कार्यरत हैं एवं सीयूजे के जनसंपर्क अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहे।
इस प्रतियोगिता के तहत हर वर्ष, दो वर्गों में फिल्म समीक्षा आमंत्रित की जाती है, एक वर्ग 30 वर्ष से नीचे और दूसरा वर्ग तीस वर्ष से ऊपर है। इस प्रतियोगिता के दोनों वर्गों में प्रथम पुरस्कार में सर्टिफिकेट और ₹ 5000/- दिए जाते हैं। इसके अलावा जिस भी प्रतियोगी की फिल्म समीक्षा बेहतरीन स्तर की होती है और 60 प्रतिशत से ऊपर अंक पाते हैं, उन्हें सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट (प्रशस्ति पत्र) दिया जाता है।
डॉ सुदर्शन यादव ने बताया कि उन्हें दूसरी श्रेणी (30 वर्ष से ऊपर) में सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट में प्रथम स्थान और केरल के विजेता के बाद दूसरा स्थान मिला है। उन्होंने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म, कांतारा – ए लीजेंड चैप्टर – I, के ऊपर समीक्षा लिखी थी, जिस पर यह पुरस्कार मिला है। सभी पुरस्कृत फिल्म समीक्षा को एफआईपीआरईएससीआई – इंडिया और फेडरेशन ऑफ फिल्म सोसायटी ऑफ इंडिया के प्रतिष्ठित जर्नल, ई-सिने इंडिया (e-Cine India) में प्रकाशित किया जाएगा।
पिछले 13 वर्षों से सीयूजे में फिल्म स्टडीज पढ़ा रहे हैं डॉ सुदर्शन यादव
डॉ यादव पिछले 13 वर्षों से सीयूजे में फिल्म स्टडीज पढ़ा रहे हैं। उन्होंने झारखंड के प्रख्यात फिल्मकार द्वय मेघनाथ और बीजू टोप्पो पर नेशनल फिल्म आर्काइव ऑफ इंडिया, भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली संस्था, (NFAI – Pune) के लिए मोनोग्राफ लिखा है, जो राज्य के किसी फिल्मकार पर प्रथम विस्तृत पुस्तक है। उन्होंने 2018 में झारखंड का प्रथम बाल फिल्म महोत्सव भी आयोजित किया है एवं इस वर्ष झारखंड सरकार के डायरेक्टरेट ऑफ टूरिज्म के लिए झारखंड की संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 दिन की कंटेंट क्रिएशन पर कार्यशाला भी आयोजित करवाई थी।
हाल ही उन्होंने सीयूजे में स्वाभिमानी बिरसा ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल एवं फोटोग्राफी प्रदर्शनी का भी संयोजन किया है। उन्होंने फिल्म के अलग – अलग विधाओं में बीएचयू, एफटीआईआई – पुणे (FTII, Pune), जादवपुर विश्वविद्यालय (कोलकाता) और व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल (मुंबई) से पढ़ाई की है। सीयूजे के कुलपति एवं पूरे शिक्षक समुदाय ने इस पुरस्कार पर हर्ष जताया।













