Ranchi : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली फिर से सवाल उठाया है। उन्होने हेमंत सोरेन सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उनका कहना है कि राज्य के कई अधिकारी कानून और नियमों के अनुसार काम करने के बजाय अपनी सुविधा और हित के मुताबिक फैसले ले रहे हैं, जिसके कारण सरकारी कर्मचारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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बाबूलाल ने कहा कि पुलिस विभाग में डीएसपी पद पर प्रमोशन तो हो जाता है, लेकिन पोस्टिंग महीनों तक रोककर रखी जाती है। कुछ मामलों में आदेश रिटायरमेंट से ठीक पहले जारी किए जाते हैं, जिससे प्रोमोशन का वास्तविक लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल पाता।
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कर्मचारियों के लिए एक पारदर्शी और समान नीति बनाई जाए
उन्होंने कहा कि निचले स्तर के कर्मचारी इससे कहीं ज्यादा परेशान हैं। उनकी फाइलें वर्षों तक विभागीय प्रक्रियाओं में फंसी रहती हैं और कई बार कोर्ट के आदेश के बाद भी उन्हें लाभ नहीं दिया जाता।
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इसके विपरीत, आईएएस और आईपीएस कैडर के अधिकारी अपने प्रमोशन की तैयारियां महीनों पहले ही सुनिश्चित कर लेते हैं और उन्हें किसी तरह की देरी का सामना नहीं करना पड़ता।
मरांडी ने मुख्यमंत्री से अपील की कि प्रमोशन और सुविधाओं की व्यवस्था में भेदभाव खत्म कर सभी कर्मचारियों के लिए एक पारदर्शी और समान नीति बनाई जाए।

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