Pakur News: पाकुड़ शहर के बैंक ऑफ बड़ौदा के पास तालाब का अस्तित्व खत्म कर उसमें बनाए गए बड़े शोरूम और दुकानें खाली करने में जुट गए। शोरूम और दुकान के मालिक बड़ी जोरशोर से खाली कर रहे हैं। बुधवार को यह नजारा देखने को मिला। हालांकि इसी जमीन पर संचालित कुछ शोरूम और दुकान मालिक अभी तक शांत है। उनका मानना है कि जिनके अंडर में यह जमीन है वो हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गया है। जबकि प्रशासन ने सभी शोरूम और दुकान मालिक को जमीन खाली करने के लिए 29 जुलाई तक अंतिम समय दिया है।
तालाब को पुराने स्वरूप में लाने का दिया गया आदेश
आपकों बता दें कि तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए पुराने स्वरूप में लाने का आदेश भी थमाया गया है। जिन शोरूम और दुकान मालिक को नोटिस थमाया गया उनमें मोंटी कार्लो केपी फैशन, बाबा लोकनाथ इंटरप्राइजेज, नारायण, लक्ष्मी फर्नीचर एंड गोडरेज इंटीरियो, रायल ट्रेडर्स, आस्था द वेडिंग स्टूडियो, अजमेरा ट्रेंड्स, डिस्टिल्ड वाटर एंड सोफा रिपेयरिंग समेत कुल आठ प्रतिष्ठान शामिल हैं। नोटिस में कहा गया है कि इससे पूर्व भी भूमि स्वामी धर्मेन्द्र सिंह और बाबुधान मुर्मू को छह जुलाई 2026 को नोटिस जारी कर 21 जुलाई 2026 तक हाईकोर्ट के आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा गया था।
तालाब को भरकर बनाई गई थी बड़े-बड़े शोरूम
गौरतलब है कि शहर के बैंक ऑफ बड़ौदा के पास पाकुड़ मौजा 128 के खाता संख्या 588, दाग संख्या 1345, कुल रकवा 2 बीघा 18 कट्ठा, 2 घुर जमीन खतियानी रैयत शेषनाथ पांडेय के नाम से पोखर के रूप में खतियान में दर्ज है। इस पोखर को भरकर बड़े-बड़े शोरूम और दुकानें बनाई गई जो झारखंड काश्तकारी अधिनियम, 1949 की धारा-35 का उल्लंघन है।
उपायुक्त ने तीन सदस्यू टीम का किया गठन
दायर पिटिशन के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि उक्त पोखर को अतिक्रमण मुक्त कर पुराने स्वरूप में लाएं। इन आदेश को कड़ाई से पालन करने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया है। इस फैसले को अनुपालन कराने के लिए उपायुक्त ने तीन सदस्यी टीम गठन किया है, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और नगर परिषद के प्रशासक शामिल है।








